TCS Nashik Case: नासिक में टीसीएस कंपनी में धर्मांतरण मामले से जुड़ा एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में आरोपी तौसीफ अत्तर, शिकायतकर्ता के साथ अत्तर के घर पर ईद की एक महफिल में नजर आ रहे हैं। यह वीडियो सबसे पहले 'इंडिया टुडे' ने शेयर किया था और अब यह सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो ने पहले से ही गरमाए हुए इस मामले में एक नया मोड़ ला दिया है।
इस फुटेज में तौसीफ अत्तर, ईद के मौके पर शिकायतकर्ता का अपने घर पर गर्मजोशी से स्वागत करते हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि अत्तर, शिकायतकर्ता को गले लगा रहे हैं और उनके सिर पर एक 'स्कल कैप' (टोपी) पहना रहे हैं, जो कि इस्लाम में सिर ढकने का एक पारंपरिक तरीका है। ऐसा लगता है कि यह वीडियो उस समय रिकॉर्ड किया गया था जब शिकायतकर्ता, अत्तर के घर एक सामाजिक मुलाकात के लिए गए थे। हालांकि, शिकायतकर्ता का कहना है कि वह अपनी मर्ज़ी से वहां नहीं गए थे।
शिकायतकर्ता ने अब इस मुलाकात से जुड़े कुछ गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके मुताबिक, ईद के मौके पर उन्हें तौसीफ अत्तर के घर बुलाया गया था। शिकायतकर्ता का कहना है कि उन्हें ऐसे हालात में बुलाया गया था, जिन्हें वह 'मजबूरी' बताते हैं। वहां पहुंचने के बाद, शिकायतकर्ता का आरोप है कि उन्हें जबरदस्ती स्कल कैप पहनाई गई और फिर उनकी मर्जी के खिलाफ उनसे नमाज पढ़वाई गई।
शिकायतकर्ता का तर्क है कि उनकी सहमति के बिना किसी दूसरे धर्म के धार्मिक रीति-रिवाजों में शामिल होने के लिए मजबूर करना एक गंभीर अपराध है। अगर ये आरोप साबित हो जाते हैं, तो भारतीय कानून के तहत धार्मिक स्वतंत्रता से जुड़े प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
यह वीडियो सबसे पहले 'इंडिया टुडे' ने प्रकाशित किया था और उसके बाद इसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, खासकर एक्स पर बड़े पैमाने पर शेयर किया गया।
एक्स पर कई न्यूज हैंडल्स और यूजर्स ने इस वीडियो को शेयर करके इस मामले को और ज्यादा लोगों तक पहुंचाया। सोशल मीडिया पर यूजर्स की प्रतिक्रियाएं दो हिस्सों में बंटी हुई हैं। कुछ लोग इस वीडियो को जबरदस्ती का सबूत मान रहे हैं, जबकि कुछ लोग ईद की इस महफिल को एक सामान्य सामाजिक मुलाकात बता रहे हैं, जिसे गलत तरीके से पेश किया गया है।
अत्तर के पिता ने अपने बेटे के बचाव में सार्वजनिक रूप से बयान दिया है। उनका कहना है कि सभी आरोपियों को 'जानबूझकर फंसाया गया है'। वह इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हैं और कहते हैं कि सभी आरोपी 'बेकसूर' हैं।