नई दिल्लीः लोकसभा में बोलते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि परिसीमन आयोग का कानून एकदम पुराने कानून के अनुसार है। इसमें कोई परिवर्तन नहीं किया गया है। अभी चल रही चुनाव में इसका कोई असर नहीं होगा। शाह ने कहा, "मोदी कैबिनेट ने जाति जनगणना का निर्णय कर लिया है। अभी हो रही जनगणना जाति जनगणना के आधार पर हो हो रही है। भ्रांति नहीं फैलानी चाहिए।" परिसीमन पर लोकसभा में बोलते हुए, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, "एक सबसे बड़ा नैरेटिव खड़ा किया जा रहा है, भ्रांति फैलाई जा रही है कि यह जो तीन विधेयक हैं।
परिसीमन से पहले और बादः दक्षिण भारत की सीट
कर्नाटकः 28 से 42
आंध्र प्रदेशः 25 से 38
तेलंगानाः 17 से 26
केरलः 20 से 30
तमिलनाडुः 39 से 59।
संविधान संशोधन विधेयक और परिसीमन और संघ क्षेत्र के चुनाव के कानून में बदलाव का कानून, यह आने से लोकसभा में दक्षिण की क्षमता कम हो जाएगी और हमारे दक्षिण के राज्यों को बहुत बड़ा नुकसान होगा। कर्नाटक में 28 सीटें हैं जो सदन की 543 सीटों में से 5.15% हैं। बिल पास होने के बाद कर्नाटक के सांसदों की संख्या 28 से बढ़कर 42 हो जाएगी।
लोकसभा में कर्नाटक के सांसदों का प्रतिशत बढ़कर 5.44 हो जाएगा। कर्नाटक को बिल्कुल भी नुकसान नहीं होगा। आंध्र प्रदेश में 25 सीटें हैं, जो कुल सीटों का 4.60% है। बिल पास होने के बाद सांसदों की संख्या 25 से बढ़कर 38 हो जाएगी, जो नई संख्या का 4.65% होगा...तेलंगाना में 17 सीटें हैं, जो 3.13% है।
बिल पास होने के बाद सांसदों की संख्या 17 से बढ़कर 26 हो जाएगी, जो नई संख्या का 3.18% होगा। तमिलनाडु में 39 सीटें हैं, जो 7.18% है। बिल पास होने के बाद सांसदों की संख्या 59 हो जाएगी जो नई संख्या का 7.23% होगा। केरलम में 20 सीटें हैं, जो कुल सीटों का 3.68% है।
बिल पास होने के बाद सांसदों की संख्या 30 हो जाएगी और नई संख्या का 3.67% होगा।" उन्होंने आगे कहा, "कुल मिलाकर दक्षिण का जो पूरा नैरेटिव बनाया जा रहा है, अभी 543 सीटों में उनके 129 सांसद बैठते हैं, 23.76% दक्षिण सांसदों की शक्ति यहां है, 50% वृद्धि के बाद 129 की जगह 195 सांसद दक्षिण के होंगे और उनकी शक्ति 23.97% होगी।"