नई दिल्लीः लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने कहा, "संविधान संशोधन(131वां संशोधन) बिल पास नहीं हुआ, सदन में वोटिंग के दौरान इसे 2/3 बहुमत नहीं मिला।" संविधान (131वां संशोधन) संशोधन बिल के लिए लोकसभा में कुल 489 वोट पड़े। बिल के पक्ष में 278 वोट, जबकि बिल के खिलाफ 211 वोट पड़े। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा, "यह संविधान पर आक्रमण था और इसे हमने हरा दिया है तो यह अच्छी बात है। हमने स्पष्ट रूप से कहा है कि यह महिला बिल नहीं है, यह हिंदूस्तान का जो राजनीतिक ढांचा है, चुनावी ढांचा है, उसे बदलने की कोशिश है। यह हमने रोक दिया है।
मैं प्रधानमंत्री से कह रहा हूं कि अगर आप महिला आरक्षण चाहते हैं तो 2023 का महिला आरक्षण बिल निकालिए, उसका क्रियान्वयन आज से करिए और पूरा विपक्ष 100% आपको समर्थन देगा और महिला आरक्षण को हम तत्काल लागू कराएंगे।" राहुल गांधी ने महिला आरक्षण से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक पारित नहीं होने के बाद शुक्रवार को कहा कि यह संविधान पर आक्रमण था, जिसे विपक्ष ने नाकाम कर दिया। उन्होंने संसद परिसर में संवाददाताओं से यह भी कहा कि यदि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी महिला आरक्षण लागू करना चाहते हैं तो 2023 में पारित कानून को लागू करें जिसमें विपक्ष पूरा सहयोग देगा।
संविधान संशोधन(131वां संशोधन) बिल के लोकसभा में पारित न होने पर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा, "महिला आरक्षण की बात नहीं थी ये लोकतंत्र की बात थी, देश की अखंडता की बात थी। हम कभी इससे सहमत नहीं हो सकते कि आप महिला आरक्षण को इस तरह परिसीमन से जोड़ें कि वो पुरानी जनगणना पर चले जिसमें OBC शामिल भी नहीं है।
ये मुमकिन नहीं था कि ये बिल पारित हो। देश के लोकतंत्र के लिए, देश की अखंडता के लिए ये बड़ी जीत है।" केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान पर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा, "महिला विरोधी माइंटसेट की बात वो कह रहे हैं जिन्होंने हाथरस में कुछ नहीं किया, जिन्होंने उन्नाव में कुछ नहीं किया। जिन्होंने मणिपुर की महिलाओं के लिए कुछ नहीं किया, जिन्होंने खिलाड़ियों के लिए कुछ नहीं कहा...ये कह रहे हैं कि हमारा माइंडसेट महिला विरोधी है।"