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60 दिन बैन?, सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर सांप्रदायिक, भड़काऊ और गुमराह करने वाली सामग्री को पोस्ट और शेयर करने पर रोक

By सुरेश एस डुग्गर | Updated: April 17, 2026 16:33 IST

प्लेटफार्म का इस्तेमाल झूठी, भड़काऊ और सांप्रदायिक सामग्री फैलाने के लिए किया जा रहा है, जिससे सार्वजनिक शांति और सद्भाव बिगड़ने का खतरा है।

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ठळक मुद्देजाति, नस्ल, भाषा या क्षेत्र के आधार पर समुदायों के बीच नफरत या दुश्मनी को बढ़ावा देते हों। ऐसी सामग्री की सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर क्राइम यूनिट को दें।सामग्री फैलाई जाती है, तो उन्हें भी इसके लिए संयुक्त रूप से जिम्मेदार ठहराया जाएगा।

जम्मूः जम्मू के जिला मजिस्ट्रेट डा. राकेश मिन्हास ने एक सख्त आदेश जारी किया है, जिसके तहत पूरे जिले में सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर सांप्रदायिक, भड़काऊ और गुमराह करने वाली सामग्री को पोस्ट करने, शेयर करने और फैलाने पर 60 दिनों के लिए रोक लगा दी गई है। यह आदेश कई सोशल मीडिया प्लेटफार्मों के दुरुपयोग को लेकर जताई जा रही चिंताओं के बीच आया है। प्रशासन का मानना है कि इन प्लेटफार्म का इस्तेमाल झूठी, भड़काऊ और सांप्रदायिक सामग्री फैलाने के लिए किया जा रहा है, जिससे उसे सार्वजनिक शांति और सद्भाव बिगड़ने का खतरा है।

आदेश के मुताबिक, लोगों को किसी भी ऐसे टेक्स्ट, इमेज, वीडियो, आडियो क्लिप, मीम या रील को पोस्ट करने या आगे भेजने से मना किया गया है, जो धर्म, जाति, नस्ल, भाषा या क्षेत्र के आधार पर समुदायों के बीच नफरत या दुश्मनी को बढ़ावा देते हों। प्रशासन ने फेक न्यूज, छेड़छाड़ किए गए वीडियो, मार्फ की गई इमेज और बिना पुष्टि वाली अफवाहों को फैलाने पर भी रोक लगा दी है। 

जिनसे सांप्रदायिक तनाव या हिंसा भड़क सकती है। जिला मजिस्ट्रेट ने इसके अलावा सोशल मीडिया का इस्तेमाल करके बहिष्कार का आह्वान करने, धमकियां देने, हिंसा भड़काने, गैर-कानूनी सभाएं आयोजित करने या धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली बातें और सामग्री फैलाने पर भी प्रतिबंध लगा दिया है।यह आदेश श्भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत जारी किया गया है।

प्रशासन ने जिले में सार्वजनिक व्यवस्था और सांप्रदायिक सद्भाव को होने वाले खतरों का हवाला देते हुए यह कदम उठाया है।निवासियों को निर्देश दिया गया है कि वे भड़काऊ सामग्री को आगे न भेजें, बल्कि ऐसी सामग्री की सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर क्राइम यूनिट को दें।

सोशल मीडिया फोरम के ग्रुप एडमिन और माडरेटर को भी चेतावनी दी गई है कि अगर उनके प्लेटफार्म के जरिए प्रतिबंधित सामग्री फैलाई जाती है, तो उन्हें भी इसके लिए संयुक्त रूप से जिम्मेदार ठहराया जाएगा।

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