कौन थे माधव लाल सिंह?, 73 वर्ष में निधन

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: May 13, 2026 18:13 IST2026-05-13T18:12:49+5:302026-05-13T18:13:44+5:30

Jharkhand: ग्रामीण विकास मंत्री दीपा पांडे सिंह ने कहा कि लाल सिंह ने अपना पूरा जीवन जनसेवा, सामाजिक कार्यों और आम लोगों की आवाज उठाने के लिए समर्पित कर दिया।

4-time MLA former minister Madhav Lal Singh passes away Singh 3 sons Minister Labour Tourism Bihar Government in 2000 Civil Aviation Jharkhand Government in 2003 | कौन थे माधव लाल सिंह?, 73 वर्ष में निधन

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Highlightsनिजी अस्पताल में स्थानांतरित किया गया था और वह वेंटिलेटर पर थे। सिंह के तीन बेटे हैं।पार्थिव शरीर झारखंड विधानसभा परिसर में लाया गया, जहां कई विधायकों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।अडिग संकल्प और जनहित के प्रति अटूट प्रतिबद्धता के लिए हमेशा याद किया जाएगा।

रांची: झारखंड के पूर्व मंत्री और चार बार विधायक रहे माधव लाल सिंह का बुधवार को 73 वर्ष की आयु में रांची के एक अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया। सिंह के परिजनों ने बताया कि उन्हें फेफड़ों से संबंधित समस्याओं के कारण पांच मई को बोकारो के एक स्वास्थ्य केंद्र से यहां एक निजी अस्पताल में स्थानांतरित किया गया था और वह वेंटिलेटर पर थे। सिंह के तीन बेटे हैं।

वह 2000 में बिहार सरकार में श्रम और पर्यटन मंत्री रहे और बाद में उन्होंने 2003 में झारखंड सरकार में परिवहन और नागरिक उड्डयन मंत्री के तौर पर काम किया। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सिंह के निधन पर शोक व्यक्त किया और कहा कि उन्होंने अधिकारियों को दिवंगत नेता का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया है।

सिंह ने अविभाजित बिहार के गोमिया से 1985, 1990 और 2000 में निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर विधानसभा चुनाव जीता था। 2009 में उन्होंने झारखंड का हिस्सा बन चुकी उसी सीट से कांग्रेस के टिकट पर जीत हासिल की। सिंह ने 2014 में भाजपा के टिकट पर गोमिया से चुनाव लड़ा था, लेकिन वह झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के योगेंद्र प्रसाद से हार गए थे।

2019 में उन्होंने फिर से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा। सोरेन ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "गोमिया के पूर्व विधायक माधव लाल सिंह जी के निधन की खबर बेहद दुखद और पीड़ादायक है। वे अविभाजित बिहार सरकार तथा राज्य के गठन के बाद झारखंड सरकार में मंत्री के रूप में कार्यरत रहे।"

मुख्यमंत्री ने सिंह के जनसेवा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान का जिक्र करते कहा, "मरांग बुरु (ईश्वर) दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और दुःख की इस घड़ी में परिवार के सदस्यों और समर्थकों को संबल दें।" नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने भी सिंह के निधन पर शोक व्यक्त किया।

उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “उनका निधन राजनीतिक जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। अपने सार्वजनिक जीवन में उन्होंने जनसेवा, सादगी और समर्पण का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया।” सिंह का पार्थिव शरीर झारखंड विधानसभा परिसर में लाया गया, जहां कई विधायकों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।

ग्रामीण विकास मंत्री दीपा पांडे सिंह ने कहा कि लाल सिंह ने अपना पूरा जीवन जनसेवा, सामाजिक कार्यों और आम लोगों की आवाज उठाने के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने कहा, “उन्हें उनके विनम्र स्वभाव, अडिग संकल्प और जनहित के प्रति अटूट प्रतिबद्धता के लिए हमेशा याद किया जाएगा।” 

विधानसभा अध्यक्ष रवींद्र नाथ महतो ने भी उनके निधन पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने ‘एक्स’ पर लिखा, “गोमिया के पूर्व विधायक और झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री माधव लाल सिंह जी के निधन की खबर अत्यंत दुखद है। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति दे और शोक संतप्त परिवार को इस दुख को सहने की शक्ति दें।”

Web Title: 4-time MLA former minister Madhav Lal Singh passes away Singh 3 sons Minister Labour Tourism Bihar Government in 2000 Civil Aviation Jharkhand Government in 2003

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