IQAC Meeting: शैक्षणिक, अनुसंधान एवं प्रशासनिक उत्कृष्टता सर्वोच्च प्राथमिकता

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: May 13, 2026 18:33 IST2026-05-13T18:32:40+5:302026-05-13T18:33:29+5:30

IQAC Meeting: पदाधिकारियों, संकाय सदस्यों, आईक्यूएसी सदस्यों एवं बाहरी विशेषज्ञों ने सक्रिय भागीदारी की तथा विश्वविद्यालय के समग्र गुणवत्ता तंत्र को सशक्त बनाने से जुड़े विभिन्न एजेंडा बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की।

IQAC Meeting Academic, Research and Administrative Excellence Top Priority ranchi jharkhand | IQAC Meeting: शैक्षणिक, अनुसंधान एवं प्रशासनिक उत्कृष्टता सर्वोच्च प्राथमिकता

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Highlightsबैठक के प्रमुख एजेंडा बिंदुओं को आईक्यूएसी निदेशक प्रो. टी.के. बसंतिया ने प्रस्तुत किया।आईक्यूएसी के पुनर्गठन एवं उसके कार्यप्रणाली पर विस्तार से चर्चा की।विश्वविद्यालय द्वारा किए गए विभिन्न प्रयासों का उल्लेख किया गया।

रांचीः केंद्रीय विश्वविद्यालय झारखंड के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC) की दूसरी बैठक कुलपति प्रो. सारंग मेढेकर की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य संस्थागत गुणवत्ता तंत्र को सुदृढ़ करना तथा शैक्षणिक, अनुसंधान एवं प्रशासनिक उत्कृष्टता के लिए भविष्य उन्मुख रोडमैप तैयार करना था। बैठक में विश्वविद्यालय के पदाधिकारियों, संकाय सदस्यों, आईक्यूएसी सदस्यों एवं बाहरी विशेषज्ञों ने सक्रिय भागीदारी की तथा विश्वविद्यालय के समग्र गुणवत्ता तंत्र को सशक्त बनाने से जुड़े विभिन्न एजेंडा बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की।

बैठक के प्रमुख एजेंडा बिंदुओं को आईक्यूएसी निदेशक प्रो. टी.के. बसंतिया ने प्रस्तुत किया। उन्होंने विश्वविद्यालय की बदलती शैक्षणिक, अनुसंधान एवं प्रशासनिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए आईक्यूएसी के पुनर्गठन एवं उसके कार्यप्रणाली पर विस्तार से चर्चा की।

पुनर्गठित निकाय से शिक्षण, अनुसंधान, विस्तार गतिविधियों एवं प्रशासनिक प्रक्रियाओं में गुणवत्ता मानकों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की अपेक्षा व्यक्त की गई। उन्होंने पिछले तीन महीनों के दौरान आईक्यूएसी की प्रगति रिपोर्ट भी प्रस्तुत की, शैक्षणिक विकास, अनुसंधान प्रोत्साहन, छात्र सहायता एवं डिजिटल प्रशासन के क्षेत्र में विश्वविद्यालय द्वारा किए गए विभिन्न प्रयासों का उल्लेख किया गया।

कुलपति प्रो. सारंग मेढेकर ने भविष्य की योजनाओं के तहत सेमिनार, कार्यशाला, फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम एवं छात्र-केंद्रित गतिविधियों के आयोजन हेतु किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। बैठक में आगामी पांच वर्षों के लिए विश्वविद्यालय की गुणवत्ता उन्नयन संबंधी सुझावों पर भी विशेष चर्चा हुई।

हितधारक प्रतिनिधि एवं होटल ग्रीन होराइजन के निदेशक चंद्रकांत रायपत ने विश्वविद्यालय को शैक्षणिक उत्कृष्टता एवं नवाचार का केंद्र बनाने हेतु महत्वपूर्ण सुझाव दिए। चर्चा के दौरान अंतर्विषयी अनुसंधान को सशक्त करने, आधारभूत संरचना में सुधार, उद्योग-अकादमिक सहयोग बढ़ाने, अंतरराष्ट्रीयकरण को प्रोत्साहन देने, रोजगारोन्मुखी कार्यक्रमों को बढ़ावा देने तथा तकनीक आधारित शिक्षण प्रणाली को एकीकृत करने पर बल दिया गया।

इसके अतिरिक्त, सीसीएल प्रतिनिधि श्री अखिलेश उपाध्याय ने सतत विकास संबंधी गतिविधियों, छात्र सहायता सेवाओं में सुधार तथा संकाय सदस्यों की अनुसंधान उत्पादकता बढ़ाने को लेकर महत्वपूर्ण सुझाव दिए, ताकि दीर्घकालिक संस्थागत विकास सुनिश्चित किया जा सके। कुलसचिव के. कोसला राव एवं कार्यपरिषद सदस्य प्रो. अजय सिंह ने भी इस संबंध में अपने महत्वपूर्ण विचार साझा किए।

वहीं, नैक अध्यक्ष प्रो. के.बी. पांडा ने नैक निरीक्षण यात्रा का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत करते हुए सभी हितधारकों के योगदान की सराहना की। बैठक का समापन प्रो. के.बी. पांडा द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। सभी प्रतिभागियों ने सामूहिक रूप से विश्वविद्यालय में गुणवत्ता संस्कृति को सुदृढ़ करने हेतु सहयोगात्मक प्रयास, रणनीतिक योजना एवं सतत सुधार की दिशा में कार्य करने का संकल्प लिया। आईक्यूएसी की इस बैठक में सभी सदस्यों, बाहरी विशेषज्ञों एवं विशेष आमंत्रित अतिथियों ने भाग लिया।

Web Title: IQAC Meeting Academic, Research and Administrative Excellence Top Priority ranchi jharkhand

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