9 अंक को शुभ मानता था ढोंगी बाबा अशोक खरात?, गाड़ी का नंबर 6453, जोड़ 18 होता और आगे 18 करने पर 9?, कई लोगों को धोखा

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: April 17, 2026 13:43 IST2026-04-17T13:42:54+5:302026-04-17T13:43:40+5:30

अशोक खरात को नासिक से पकड़ा गया, वह तारीख 1 8 मार्च थी. इसका जोड़ 1 8 = 9 होता है. इससे अब उसके अंकशास्त्र की हवा निकलती दिखाई दे रही है.

nashik police Fake Baba Ashok Kharat considered number 9 auspicious car number 6453 sum 18 and adding 18 further gives 9 many people were cheated | 9 अंक को शुभ मानता था ढोंगी बाबा अशोक खरात?, गाड़ी का नंबर 6453, जोड़ 18 होता और आगे 18 करने पर 9?, कई लोगों को धोखा

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Highlightsजिस अंक पर विश्वास था, वही ले डूबा. ढोंगी बाबा अशोक खरात का अंकशास्त्र खुद पर पड़ गया भारी.खरात 9 अंक को अपने लिए अत्यंत शुभ मानता था.

नासिक: अघोरी पूजा, ढोंग और अंकशास्त्र के बल पर अशोक खरात ने कई लोगों को धोखा दिया. वह खुद को अंकशास्त्र का विशेषज्ञ समझता था. इसी के बल पर उसने कई लोगों को प्रभावित किया. उसने न सिर्फ महिलाओं का यौन शोषण किया, बल्कि कई लोगों को करोड़ों का चूना भी लगाया. अंकशास्त्र का ढिंढोरा पीटने वाला खरात एक विशेष अंक को शुभ मानता था. इसी अंक को शुभ मानकर उसने अपना साम्राज्य खड़ा किया, लेकिन यही अंकशास्त्र उस पर ही उलटा पड़ गया. मिली जानकारी के अनुसार, खरात 9 अंक को अपने लिए अत्यंत शुभ मानता था.

इसलिए उसने अपनी गाड़ियों के नंबर भी खास तौर पर ऐसे ही चुने जिनका जोड़ 9 हो. जांच के दौरान यह बात सामने आने के बाद उसके अंधविश्वास की एक और परत खुल गई है. जांच एजेंसियों की पूछताछ में पता चला कि खरात ने आरटीओ से च्वाइस नंबर लेकर अपनी गाड़ियों के नंबर निश्चित किए थे. इन नंबर प्लेटों पर सभी अंकों का जोड़ 9 आता था.

वह इसका विशेष ध्यान रखता था. उसकी एक गाड़ी का नंबर 6453 है, जिसका जोड़ 1 8 होता है और आगे 1 8 करने पर यह 9 होता है. इससे यह सामने आया है कि उसने अंकशास्त्र का उपयोग करके अपनी छवि बनाई. 9 अंक को अत्यंत शुभ मानकर उसने इतना बड़ा साम्राज्य खड़ा किया था, लेकिन अब कहा जा रहा है कि इसी अंक ने उसके साम्राज्य को नुकसान पहुंचाया है.

इसका कारण यह है कि जिस दिन खरात को नासिक से पकड़ा गया, वह तारीख 1 8 मार्च थी. इसका जोड़ 1 8 = 9 होता है. इससे अब उसके अंकशास्त्र की हवा निकलती दिखाई दे रही है. अंकशास्त्र के अनुसार 9 अंक को भाईचारे, समृद्धि, भाग्य और मानवतावादी कार्य से जुड़ा माना जाता है.

साथ ही मंगल ग्रह से संबंधित होने के कारण यह अंक ऊर्जा और सफलता का प्रतीक माना जाता है. इसी कारणवश खरात ने 9 अंक को विशेष महत्व दिया था. उसका विश्वास था कि पैसा और सफलता प्राप्त करने के लिए यह अंक उपयोगी साबित होता है. जीवनभर जिस अंक को उसने अत्यंत शुभ माना, उसी अंक ने उसका विनाश किया क्या? अब यह सवाल उठ रहा है.

Web Title: nashik police Fake Baba Ashok Kharat considered number 9 auspicious car number 6453 sum 18 and adding 18 further gives 9 many people were cheated

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