8 पन्नों का संदिग्ध दस्तावेज और कई मोबाइल नंबर?, मोतिहारी, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, छपरा, सीवान, मुंगेर, नालंदा, गोपालगंज, भोजपुर और सीतामढ़ी सहित कई जेलों में छापेमारी
By एस पी सिन्हा | Updated: April 17, 2026 15:33 IST2026-04-17T15:29:35+5:302026-04-17T15:33:25+5:30
कटिहार मंडल कारा में डीएम और एसपी ने औचक निरीक्षण किया। इस दौरान जेल से कई आपत्तिजनक सामान बरामद हुआ।

सांकेतिक फोटो
पटनाः बिहार में सत्ता परिवर्तन होते ही प्रशासनिक हलकों ने अपनी सक्रियता बढा दी है। इसी कड़ी में शुक्रवार की सुबह-सुबह प्रशासनिक अधिकारियों ने राज्य के जेलों में छापेमारी कर दी, जिसे देखकर अपराधी और जेल प्रशासन दोनों के पसीने छूट गए। राज्य के आधा दर्जन से अधिक जिलों की जेलों में एक साथ ऑपरेशन क्लीन चलाया गया। मोतिहारी, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, छपरा, सीवान, मुंगेर, नालंदा, गोपालगंज, भोजपुर और सीतामढ़ी सहित कई जेलों में छापेमारी की गई। सुबह करीब 4 बजे जब अचानक छापेमारी की गई तो उस वक्त बंदी अपने-अपने वार्ड में सो रहे थे। डीएम कुंदन कुमार और एसपी भारत सोनी के निर्देश पर भारी पुलिस बल ने जेल को चारों तरफ से घेर लिया। करीब तीन घंटे तक चली इस कार्रवाई में जेल के हर वार्ड और बैरक की गहन तलाशी ली गई।
इस अभियान में एडीएम, एसडीओ, एएसपी, डीएसपी समेत कई वरीय अधिकारी शामिल रहे। दीपनगर, बिहारशरीफ, लहेरी और नालंदा थानों की पुलिस के साथ 100 से अधिक जवान तैनात किए गए थे। सीतामढ़ी मंडल कारा में डीएम रिची पांडेय और एसपी अमित रंजन के नेतृत्व में छापेमारी के दौरान एक वार्ड से 8 पन्नों का संदिग्ध दस्तावेज बरामद हुआ।
इसमें कई मोबाइल नंबर और आपत्तिजनक बातें लिखी मिलीं। दस्तावेज को जब्त कर जांच के लिए भेज दिया गया है। साथ ही कुख्यात कैदियों को केंद्रीय कारा शिफ्ट करने की तैयारी की जा रही है। कटिहार और जमुई में भी छापेमारी की गई है। कटिहार मंडल कारा में डीएम और एसपी ने औचक निरीक्षण किया। इस दौरान जेल से कई आपत्तिजनक सामान बरामद हुआ।
पुलिस ने जेल से ब्लेड जैसा नुकीला वस्तु और बड़ी मात्रा में कैश बरामद किया है। छापेमारी के बारे में जानकारी देते हुए दोनों अधिकारियों ने बताया कि जेल के सभी सेल का गहराई से जांच किया गया, जिसमें ब्लेड जैसा एक नुकीला वस्तु और नकद बरामद हुआ है, जिसे जब्त कर लिया गया है।
वहीं, जमुई के मंडल कारा में भी देर रात एसपी विश्वजीत दयाल एवं एसडीएम सौरव कुमार के नेतृत्व में सदर थाना की पुलिस के साथ छापेमारी की गई। छापेमारी के दौरान विभिन्न वार्डो की तलाशी ली गई। गोपालगंज के चनावे मंडल कारा, मुंगेर के मंडल कारा, सीवान और छपरा के मंडल कारा की जेलों में भी प्रशासन ने औचक छापेमारी की।
अधिकारियों ने बैरकों, कैदियों के सामान और संवेदनशील स्थानों की बारीकी से जांच की। हालांकि इन जगहों पर किसी प्रकार की आपत्तिजनक सामग्री नहीं मिली। राज्यभर में एक साथ की गई इस कार्रवाई को जेलों के भीतर अनुशासन कायम रखने और आपराधिक गतिविधियों पर रोक लगाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस तरह की छापेमारी आगे भी जारी रहेगी, ताकि किसी भी तरह की लापरवाही या अवैध गतिविधि पर सख्ती से अंकुश लगाया जा सके। इन सभी जिलों में एक साथ हुई कार्रवाई से साफ है कि राज्य सरकार जेल सुरक्षा को लेकर कोई जोखिम नहीं लेना चाहती। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि आगे भी इस तरह के औचक निरीक्षण और छापेमारी अभियान लगातार चलते रहेंगे।