नई दिल्लीः बिहार के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहे नीतीश कुमार ने पटना के लोक भवन में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन (सेवानिवृत्त) को अपना इस्तीफा सौंप दिया। उन्होंने 10 अप्रैल को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ली थी। नीतीश कुमार ने ट्वीट किया कि.हमने यह निर्णय लिया था कि मैं अब मुख्यमंत्री पद छोड़ दूंगा, इसलिए आज की कैबिनेट बैठक के बाद मैंने राज्यपाल से मुलाकात कर उन्हें अपना इस्तीफा सौंप दिया। अब नई सरकार यहां का कामकाज देखेगी। नई सरकार को मेरा पूरा सहयोग और मार्गदर्शन मिलेगा। आगे भी बहुत अच्छे काम होंगे और बिहार बहुत तरक्की करेगा।
आप जानते हैं कि 24 नवंबर, 2005 को राज्य में पहली बार एन०डी०ए० सरकार बनी थी। तब से राज्य में कानून का राज है और हम लगातार विकास के काम में लगे हुए हैं। सरकार ने शुरू से ही सभी तबकों का विकास किया है चाहे हिंदू हो, मुस्लिम हो, अपर कास्ट हो, पिछड़ा हो, अति पिछड़ा हो, दलित हो, महादलित हो- सभी के लिए काम किया गया है।
हर क्षेत्र में काम हुआ है चाहे शिक्षा हो, स्वास्थ्य हो, सड़क हो, बिजली हो, कृषि हो। महिलाओं एवं युवाओं के लिए भी बहुत काम किया गया है। इन दिनों काम को और आगे बढ़ाया गया है। अगले पाँच वर्षों यानि 2025 से 2030 के लिए 7 निश्चय-3 का गठन किया गया है। इससे और ज्यादा काम होगा जिससे बिहार काफी आगे बढ़ेगा।
बिहार के विकास में केन्द्र का भी पूरा सहयोग मिल रहा है। इसके लिए आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी का नमन करते हैं। बिहार और तेजी से विकसित होगा और देश के टॉप राज्यों में शामिल हो जाएगा तथा देश की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान देगा। हमने बिहार के लोगों के लिए बहुत काम किया है। इतने दिनों से हमने लगातार लोगों की सेवा की है।
हमने तय किया था कि अब मुख्यमंत्री का पद छोड़ देंगे और इसलिए आज मंत्रिमंडल की बैठक के बाद माननीय राज्यपाल से मिलकर उन्हें इस्तीफा सौंप दिया। अब नई सरकार यहाँ का काम देखेगी। नई सरकार को मेरा पूरा सहयोग एवं मार्गदर्शन रहेगा। आगे भी बहुत अच्छा काम होगा तथा बिहार बहुत आगे बढ़ेगा। सभी का बहुत-बहुत धन्यवाद करता हूँ तथा शुभकामनाएं देता हूँ।