नोएडा में श्रमिकों के उग्र प्रदर्शन को मुख्यमंत्री योगी ने गंभीरता से लिया, सरकार बढ़ाएगी 4 लाख आउटसोर्स कर्मियों का मानदेय
By राजेंद्र कुमार | Updated: April 14, 2026 18:55 IST2026-04-14T18:55:37+5:302026-04-14T18:55:37+5:30
बीते साल सितंबर में प्रदेश सरकार ने उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम का गठन करते हुए चार श्रेणियों में दिए जाने वाले मानदेय की दरें घोषित की थी.

नोएडा में श्रमिकों के उग्र प्रदर्शन को मुख्यमंत्री योगी ने गंभीरता से लिया, सरकार बढ़ाएगी 4 लाख आउटसोर्स कर्मियों का मानदेय
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के नोएडा औद्योगिक गलियारे में श्रमिकों के उग्र प्रदर्शन ने यूपी के सबसे बड़े मैन्युफैक्चरिंग हब की छवि को झकझोर कर रख दिया है. गत 13 अप्रैल को श्रमिकों (मजदूरों) का विरोध प्रदर्शन जिस तरह हिंसक हुआ, उसने यह साफ कर दिया कि मामला सिर्फ वेतन बढ़ोतरी का नहीं है, बल्कि यह लंबे समय से जमा हो रहे असंतोष का विस्फोट है. जिसके बारे में जिला और पुलिस प्रशासन कोई अनुमान ही नहीं लगा सका और पूरे देश में यूपी की छवि खराब हुई. इसके सुधारने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अब जल्दी ही सूबे के चार लाख आउटसोर्स कर्मियों का मानदेय में इजाफा करेंगे. इसका संकेत मुख्यमंत्री योगी ने मुजफ्फरनगर में जनसभा को संबोधित करते हुए दिए हैं.
जल्द बढ़ेगा मानदेय :
बीते साल सितंबर में प्रदेश सरकार ने उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम का गठन करते हुए चार श्रेणियों में दिए जाने वाले मानदेय की दरें घोषित की थी. इसी के बाद 20 सितंबर को आउटसोर्स सेवा निगम के गठन के लिए शासनादेश जारी कर सरकार ने आउटसोर्सिंग की भर्तियों के लिए चार श्रेणियां बनाई. इनमें श्रेणी एक के लिए 40 हजार रुपए, श्रेणी दो के लिए 25 हजार रुपए, श्रेणी तीन के लिए 22 हजार रुपए और श्रेणी चार के लिए 20 हजार रुपए मासिक पारिश्रमिक तय किया गया था.
अधिकारियों के अनुसार, कंपनी अधिनियम के तहत आउटसोर्स निगम का गठन किया जा चुका है. बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स तय करने के साथ ही निगम के प्रबंध निदेशक, कार्यकारी निदेशक और अन्य जरूरी पदों पर तैनाती की जा चुकी है. सलाहकार चयन की प्रक्रिया चल रही है. जल्दी ही सलाहकार का चयन आउटसोर्स सेवा निगम की सिफारिशें को लागू करने का फैसला किया जाएगा. अब इस मामले में कोई विलंब नहीं किया जाएगा क्योंकि नोएडा ऐसी घटना राज्य के किसी अन्य शहर में ही यह सरकार को मंजूर नहीं है.
सरकार का मानना है कि नोएडा में बीते एक हफ्ते के दौरान जो कुछ भी हुआ उसके विस्फोट की गूंज केवल फैक्ट्रियों की दीवारों तक सीमित नहीं है, बल्कि निवेश, रोजगार और औद्योगिक भविष्य पर भी इसका असर पड़ना पड़ेगा.इसलिए फैक्ट्री के कार्यरत श्रमिकों और सूबे काम कर रहे चार लाख से अधिक आऊटसोर्स कार्मिकों के मानदेय में इजाफा करने के लिए जल्द से जल्द फैसला लिया जाएगा.
बताया जा रहा है कि सफाई आउटसोर्स कर्मी को भी न्यूनतम मानदेय की गारंटी दी जाएगी और सरकारी विभागों में इसे लागू करने के साथ ही औद्योगिक संस्थानों को भी इसमें जोड़ा जाएगा. यहीं वजह है कि खुद मुख्यमंत्री योगी ने इस मामले में जनता के बीच आउटसोर्स कार्मिकों का मानदेय बढ़ाए जाने का एलान किया.
श्रमिकों के शोषण की खुली दास्तान
उत्तर प्रदेश के नोएडा जिला देश के सबसे बड़े औद्योगिक हब्स में शामिल है, जहां रोजगार और निवेश दोनों बड़े पैमाने पर केंद्रित हैं. यहां करीब 11,000 से अधिक औद्योगिक इकाइयां संचालित हैं और पूरे उत्तर प्रदेश में मौजूद फैक्ट्रियों में 12.8 लाख से अधिक श्रमिक कार्यरत हैं, जिनमें सबसे बड़ी हिस्सेदारी नोएडा-ग्रेटर नोएडा बेल्ट की मानी जाती है. अधिकारियों के अनुसार नोएडा के औद्योगिक क्षेत्र में करीब पांच लाख श्रमिक काम करते हैं.
नोएडा में सरकार ने आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में करीब 50,000 करोड़ रुपए निवेश का लक्ष्य रखा है. सेमीकंडक्टर और मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग जैसे प्रोजेक्ट इस क्षेत्र को राष्ट्रीय औद्योगिक इंजन बना रहे हैं. लेकिन इस जिले में कार्यरत श्रमिकों को मिलने वाला मानदेय बेहद कम है.
इसमें इजाफा करने की मांग ही कई दिनों के जिले की तमाम फैक्ट्रियों में काम करने वाले श्रमिक कर रहे थे, लेकिन जिले फैक्ट्री मालिकों और सरकार के अधिकारियों ने अनदेखा किया. अपने शोषण के खिलाफ श्रमिकों उग्र हुए और उन्होंने तोडफोड की. जिसे देश और दुनिया ने देखा. तो सूबे के श्रम मंत्री अनिल राजभर ने विवादित बयान दिया.
यह भी कहा गया श्रमिकों को लोगो ने भड़काया, ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगा. ऐसे ही बयानों के बीच सूबे के मुख्यमंत्री को यह समझ में आ गया कि श्रमिकों का बढ़ता असंतोष प्रदेश में सीधे आर्थिक जोखिम पैदा करेगा. प्रदेश में निवेश का माहौल गड़बड़ा जाएगा और विधानसभा चुनाव पर भी असर पड़ेगा.
इस आकलन के आधार पर ही सूबे के औद्योगिक विकास आयुक्त को नोएडा गया ताकि वह नाराज कार्मिकों को मनाए और दूसरी तरफ खुद मुख्यमंत्री योगी ने नोएडा के श्रमिकों के मानदेय में इजाफा करने की घोषणा की और आउटसोर्स कार्मिकों का मानदेय बढ़ाए जाने के जिक्र किया.