पटनाः बिहार की सियासत में नीतीश युग का अंत हो गया। दो दशक तक बिहार के मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठकर विकास को गति देने वाले नीतीश कुमार ने आखिरकार बिहार की सियासत को छोड़ केंद्र की राजनीति की तरफ रुख कर लिया। नीतीश कुमार ने मंगलवार को कैबिनेट की आखिरी बैठक की और मंत्रिमंडल को भंग कर दिया। नीतीश कुमार ने अपनी आखिरी कैबिनेट बैठक की, जो करीब 20 मिनट तक चली। इस दौरान उन्होंने मंत्रियों से बातचीत की और माहौल काफी भावुक हो गया। उन्होंने मंत्रियों को संबोधित किया। यह बैठक भावनात्मक माहौल में संपन्न हुई, जहां कई मंत्री भावुक हो गए।
मंत्रियों की भावुकता देख नीतीश कुमार भी भावुक नजर आए। वहीं, कैबिनेट को भंग करने से पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंत्रियों से कहा कि मैं दिल्ली जा रहा हूं, लेकिन वहां से भी सब कुछ देखता रहूंगा। आप सभी के प्रति मेरा स्नेह और प्यार हमेशा बना रहेगा। मुख्यमंत्री ने इसके बाद कैबिनेट को भंग करने की जानकारी बैठक में मौजूद सदस्यों को दी।
जिसके बाद पूरा माहौल गमगीन हो गया। नीतीश कुमार ने कहा कि वे अपने काम को और बेहतर तरीके से करते रहें और बिहार के विकास को आगे बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि आप लोग काम तो करते ही हैं, लेकिन अब और अच्छा कीजिए। बिहार को आगे ले जाने की जिम्मेदारी आप सभी पर है। यह संदेश साफ तौर पर भविष्य के लिए एक दिशा-निर्देश के रूप में देखा जा रहा है।
नीतीश कुमार ने अपने संबोधन में पिछले वर्षों की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि सभी ने मिलकर बिहार को एक विकसित राज्य बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण काम किया है। उन्होंने कहा कि अब समय है कि इन उपलब्धियों को और आगे बढ़ाया जाए और राज्य को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जाए। बैठक का सबसे भावुक क्षण तब आया जब नीतीश कुमार ने कहा कि यह बेहद भावुक पल है।
उनके इस बयान ने यह संकेत दिया कि भले ही वह राज्य की सक्रिय राजनीति से कुछ दूरी बना रहे हों, लेकिन उनकी नजर बिहार की गतिविधियों पर बनी रहेगी। बैठक के बाद मंत्री लखेंद्र पासवान ने बताया कि मुख्यमंत्री ने इसे बेहद भावुक पल बताते हुए सभी मंत्रियों से कहा कि वे पहले से बेहतर काम करें।
उन्होंने कहा कि सभी ने मिलकर बिहार को विकास की राह पर आगे बढ़ाया है और अब इसे और आगे ले जाने की जिम्मेदारी मंत्रियों की है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि वे दिल्ली जा रहे हैं, लेकिन वहां से भी राज्य के कामकाज पर नजर बनाए रखेंगे और सभी के प्रति उनका स्नेह बना रहेगा। बैठक के बाद मंत्री राम कृपाल यादव ने कहा कि यह पल सभी के लिए भावुक था।
उन्होंने बताया कि नीतीश कुमार ने करीब 20 वर्षों तक राज्य की सेवा की और जनता के लिए जो काम किए, वे उल्लेखनीय हैं। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि मुख्यमंत्री इस्तीफा देने जा सकते हैं और इसके लिए राज्यपाल से अनुमति ले ली गई है। मंत्री लेसी सिंह ने इस मौके को भावुक होने के साथ-साथ गर्व का क्षण बताया।
उन्होंने कहा कि इतने लंबे समय तक ऐसे नेता के साथ काम करना उनके लिए सम्मान की बात रही है। मुख्यमंत्री ने सभी को शुभकामनाएं भी दीं। गौरतलब है कि कैबिनेट की पिछली बैठक 20 फरवरी 2026 को हुई थी, जिसमें सोनपुर में एयरपोर्ट बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई थी। पिछले दो महीनों से कोई बैठक नहीं हुई थी, जिस पर विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने भी सवाल उठाए थे।
फिलहाल बिहार कैबिनेट में कुल 26 मंत्री शामिल हैं, जिनमें सम्राट चौधरी, विजय सिन्हा, दिलीप जायसवाल, श्रवण कुमार, विजय चौधरी, लेसी सिंह और जमा खान जैसे नाम शामिल हैं। दरअसल, राज्यसभा सांसद के तौर पर शपथ लेने के बाद नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के पहले कैबिनेट की बैठक बुलाई थी।
बैठक में दोनों उपमुख्यमंत्री के अलावे सभी विभागों के मंत्री और अधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान माहौल भारी रहा। नीतीश कुमार ने कैबिनेट की बैठक में अपने इस्तीफा देने की जानकारी मंत्रियों को दी। मुख्यमंत्री ने सभी विभागों के मंत्रियों के साथ फोटोशूट कराया। इसके बाद तमाम वरीय अधिकारियों के साथ भी उन्होंने फोटो खिंचवाया और मुख्यमंत्री सचिवालय से बाहर निकल गए। दोनों उपमुख्यमंत्री के साथ साथ सभी मंत्रियों ने नीतीश कुमार को विदाई दी।