Infosys Pune Controversy: आईटी सेक्टर की बड़ी कंपनी टीसीएस के अंदर कर्मचारियों के उत्पीड़न विवाद के बीच इंफोसिस के एक पूर्व कर्मचारी ने अपनी कंपनी के खिलाफ शिकायत की है। इंफोसिस के पूर्व कर्मचारी ने सोशल मीडिया के जरिए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और मत्स्य पालन और बंदरगाह मंत्री को टैग करके पोस्ट लिखा जिसमें उन्होंने दावा किया कि पुणे में Infosys में "जिहादी उत्पीड़न" चल रहा है।
ट्वीट में लिखा, "प्रिय सर @NiteshNRane @Dev_Fadnavis, कई लड़कियां @InfosysBPM पुणे, खासकर Damler प्रोजेक्ट में चल रहे जिहादी उत्पीड़न के बारे में शिकायत कर रही हैं। क्या आप कृपया इस मामले को देख सकते हैं?"
नितेश राणे ने ट्वीट का संज्ञान लिया और जवाब दिया, "धन्यवाद सर। अगर जरूरत पड़ी तो मैं आपको DM करके और जानकारी दूँगा,"
यह घटना तब सामने आई जब नासिक में TCS की आठ महिला और एक पुरुष कर्मचारियों ने मानसिक और यौन उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए शिकायतें दर्ज कराईं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें नमाज़ पढ़ने, बीफ़ खाने के लिए मजबूर किया गया और उन्हें धर्म परिवर्तन कराने की कोशिशें भी की गईं।
टीसीएस पर लगा आरोप
टाटा संस के चेयरमैन नटराजन चंद्रशेखरन ने TCS नासिक में लगे आरोपों को "बेहद चिंताजनक और दुखद" बताया है, और एक वरिष्ठ अधिकारी की देखरेख में मामले की जांच की घोषणा की है।
नटराजन चंद्रशेखरन ने एक बयान में कहा, " टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज की नासिक ब्रांच से सामने आ रही शिकायतें और आरोप बेहद चिंताजनक और दुखद हैं।" उन्होंने यह भी घोषणा की कि तथ्यों का पता लगाने और इस स्थिति के लिए ज़िम्मेदार लोगों की पहचान करने के लिए TCS की Chief Operating Officer, Arathi Subramanian की देखरेख में एक विस्तृत जांच चल रही है।
Nida Khan है मुख्य साजिशकर्ता
नासिक पुलिस की Special Investigation Team (SIT) ने Nida Khan को इस मामले में कथित मुख्य साजिशकर्ता के रूप में पहचाना है।
जांच के अनुसार, आरोपी ने कथित तौर पर युवा महिला कर्मचारियों को प्रेम संबंधों का लालच देकर निशाना बनाया और बाद में उनका शोषण किया। SIT ने पाया है कि आरोपी ने पीड़ितों को कुछ खास धार्मिक रीति-रिवाज अपनाने के लिए भी प्रभावित करने की कोशिश की, जिसमें नमाज़ पढ़ना और अपने पहनावे में बदलाव करना शामिल था।