पटनाः 1990 के दशक के मध्य से बिहार की राजनीति में एक प्रमुख हस्ती रहे नीतीश कुमार मार्च 2026 में मुख्यमंत्री के रूप में अपने रिकॉर्ड दस कार्यकाल पूरे किए थे। कुमार ने बिहार के जटिल राजनीतिक परिदृश्य को बखूबी संभाला है। इस बीच चर्चा है कि नीतीश कुमार के पुत्र और जदयू नेता निशांत कुमार उपमुख्यमंत्री और बिहार कैबिनेट में शामिल नहीं होंगे। ऐसी संभावना है कि बीजेपी नेता और बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी बिहार के नए मुख्यमंत्री होंगे। इस बीच सूत्रों ने कहा कि जदयू के वरिष्ठ नेता बिजेंद्र प्रसाद यादव और विजय कुमार चौधरी होंगे डिप्टी मुख्यममंत्री होंगे।
बिहार में मंगलवार को एक नए राजनीतिक दौर की शुरुआत होने जा रही है। सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहे नीतीश कुमार इस्तीफा दिया। प्रदेश में पहली बार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व में सरकार बनने की राह साफ हो सकती है। जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के प्रमुख कुमार ने पिछले सप्ताह राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ली थी।
भाजपा के वरिष्ठ नेता और राज्य सरकार में मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा, ‘‘यह एक संवैधानिक प्रक्रिया है। मुख्यमंत्री राज्यपाल से मिलने से पहले अपने सहयोगियों को कैबिनेट भंग करने के निर्णय की जानकारी देते हैं।’’ 243 सदस्यीय विधानसभा में 89 विधायकों के साथ भाजपा सबसे बड़ी पार्टी है। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, जिन्हें भाजपा संसदीय बोर्ड ने पर्यवेक्षक नियुक्त किया है।