Samrat Chaudhary oath ceremony: सम्राट चौधरी मंत्रिमंडल में कौन होंगे शामिल?, देखिए संभावित मंत्री की पूरी सूची?
By एस पी सिन्हा | Updated: April 14, 2026 18:01 IST2026-04-14T17:59:48+5:302026-04-14T18:01:14+5:30
Samrat Chaudhary oath ceremony: भाजपा विधायक दल की बैठक में शामिल अधिकांश विधायकों ने सम्राट चौधरी के नेतृत्व पर भरोसा जताया और मुख्यमंत्री पद के लिए सबसे उपयुक्त चेहरा बताया।

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पटनाः बिहार भाजपा विधायक दल के द्वारा सम्राट चौधरी को अपना नेता चुन लिए जाने के बाद एनडीए विधायक दल की हुई बैठक में भी सम्राट चौधरी के नाम पर मुहर लगा दी गई। उसके बाद सम्राट चौधरी ने राज्यपाल सैयद अता हसनैन से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश किया। बुधवार को सम्राट चौधरी को लोक भवन परिसर में ही मुख्यमंत्री पद शपथ की शपथ राज्यपाल के द्वारा दिलाई जाएगी। पटना में शपथ ग्रहण की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। ऐसे में सम्राट चौधरी बिहार के नए मुख्यमंत्री होंगे।
बताया जाता है कि भाजपा विधायक दल की बैठक में शामिल अधिकांश विधायकों ने सम्राट चौधरी के नेतृत्व पर भरोसा जताया और उन्हें मुख्यमंत्री पद के लिए सबसे उपयुक्त चेहरा बताया। संगठनात्मक स्तर पर भी उनके नाम पर सहमति बनती दिखाई दी। इसके साथ नई सरकार के गठन को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं और मंत्रिमंडल की संभावित सूची भी सामने आने लगी हैं।
सूत्रों के अनुसार, सम्राट चौधरी के साथ-साथ जदयू के वरिष्ठ नेता विजेंद्र प्रसाद यादव और विजय कुमार चौधरी भी कल मंत्री पद की शपथ लेने वाले हैं। बताया जा रहा है कि विजेंद्र प्रसाद यादव और विजय कुमार चौधरी उपमुख्यमंत्री बन सकते हैं। इसे नई सरकार के शुरुआती मंत्रिमंडल का हिस्सा माना जा रहा है।
सूत्रों की मानें तो मंत्रिमंडल में जातीय और क्षेत्रीय संतुलन साधने की कोशिश की जा रही है। कई नए चेहरों को मौका मिल सकता है, जबकि कुछ अनुभवी नेताओं को भी जगह दी जाएगी। इसके पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंपने के तुरंत बाद पटना स्थित भाजपा प्रदेश मुख्यालय में विधायक दल की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई।
इस बैठक में सर्वसम्मति से सम्राट चौधरी को विधायक दल का नेता चुना गया। सम्राट चौधरी के नाम का प्रस्ताव उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने रखा। साथ ही भाजपा नेता रेणु देवी ने भी अनुमोदन किया। वहीं, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस्तीफे से पहले भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री आवास पहुंचे।
इसके बाद नीतीश कुमार राजभवन जाकर राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंपा, जहां उनके साथ कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे। नीतीश कुमार ने अभी पिछली बार 20 नवंबर 2025 को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। 14 अप्रैल को वे इस्तीफा दिया है तो यह अवधि 145 दिन की रही। नीतीश कुमार का यह दूसरा छोटा कार्यकाल रहा।
इससे पहले साल 2000 में उन्होंने 3 मार्च को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी, लेकिन 10 मार्च को ही इस्तीफा देना पड़ा था। सूत्रों के मुताबिक, नीतीश कुमार के बेटे निशांत ने फिलहाल मंत्री या उपमुख्यमंत्री बनने से इनकार करते हुए कहा है कि पहले वे किसी सदन के सदस्य बनना चाहेंगे। हालांकि निशांत कुमार को मनाने का प्रयास जारी है।
वैसे पूरी मंत्रिमंडल सूची को लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि बाकी है। फिलहाल, सभी की नजरें कल होने वाले शपथ ग्रहण समारोह और अंतिम सूची पर टिकी हुई हैं, जिससे नई सरकार की पूरी तस्वीर साफ हो सकेगी। बिहार की नई सरकार में भाजपा का मुख्यमंत्री और जदयू कोटे से 2 उपमुख्यमंत्री होंगे। इसके अलावा कैबिनेट में शामिल होने वाले अन्य चेहरे किसी दूसरी तारीख को मंत्री पद की शपथ ले सकते हैं।
जदयू कोटे से संभावित मंत्रियों में श्रवण कुमार, अशोक चौधरी, लेसी सिंह, मदन सहनी, जमा खां और सुनील कुमार को मंत्री बनाया जा सकता है। वहीं, भाजपा कोटे से विजय कुमार सिन्हा, मंगल पांडेय, रामकृपाल यादव, दिलीप जायसवाल, श्रेयसी सिंह, लखेंद्र पासवान, रमा निषाद, प्रमोद कुमार चंद्रवंशी, अरुण शंकर प्रसाद और संजय सिंह ‘टाइगर’ को मंत्री बनाया जायेगा।
जबकि एनडीए के सहयोगी दलों को भी मंत्रिमंडल में जगह मिलने की संभावना है। इसमें संभावित नामों में संतोष कुमार सुमन (हम), संजय पासवान (लोजपा-रा), संजय कुमार सिंह (लोजपा-रा) और दीपक प्रकाश (रालोमो) को मंत्री बनाया जाना लगभग तय माना जा रहा है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस बार कैबिनेट गठन में जातीय और क्षेत्रीय संतुलन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। ओबीसी, सवर्ण, दलित और महिला प्रतिनिधित्व को ध्यान में रखते हुए मंत्रिमंडल तैयार किया जा सकता है। इसके साथ ही युवा और अनुभवी नेताओं का मिश्रण भी देखने को मिल सकता है।