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Cyclone Montha: आंध्र प्रदेश सरकार ने राहत और आवश्यक आपूर्ति के लिए कार्य योजना तैयार की

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: October 26, 2025 11:40 IST

Cyclone Montha: व्यय को ‘ट्रेजरी नियम (टीआर)-27’ के तहत समायोजित किया जा सकता है।

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Cyclone Montha: आंध्र प्रदेश सरकार ने मोंथा चक्रवात के आने की संभावना के मद्देनजर राहत और आवश्यक आपूर्ति के लिए एक कार्य योजना तैयार की है। राज्य के नागरिक आपूर्ति मंत्री एन. मनोहर ने बताया कि कार्य योजना में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) की वस्तुओं का भंडारण, ईंधन सूची प्रबंधन, धान खरीद के लिए उठाए जाने वाले कदम, राहत शिविरों में खाद्य आपूर्ति एवं चक्रवात के बाद राहत वितरण उपाय सुनिश्चित करना शामिल हैं।

मनोहर ने शनिवार देर रात एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा, ‘‘आंध्र प्रदेश सरकार ने मोंथा चक्रवात के प्रभावों से निपटने की तैयारी संबंधी कदमों का विवरण देते हुए एक कार्रवाई रिपोर्ट तैयार की है ताकि चक्रवात के आने से पहले तैयारी सुनिश्चित हो सके।’’

उन्होंने कहा कि तटीय क्षेत्रों पर उचित मूल्य की सभी दुकानों तक खाद्यान्न की आपूर्ति का काम 26 अक्टूबर तक पूरा हो जाएगा और मंडल स्तर के भंडारण बिंदुओं पर पर्याप्त भंडार पहले ही रखा जा चुका है। अधिकारियों के अनुसार, तटीय जिलों में 40 प्रतिशत भंडार की आवाजाही पूरी हो चुकी है। मनोहर ने ईंधन की तैयारियों के संबंध में राज्य के नोडल अधिकारी और तेल विपणन कंपनियों को संवेदनशील जिलों में पेट्रोल, डीजल और तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) दुकानों पर पर्याप्त भंडार रखने का निर्देश दिया।

अधिकारियों ने मंत्री को धान खरीद के संबंध में बताया कि नवंबर के पहले सप्ताह में खरीद पूरी तरह से शुरू होने की उम्मीद है लेकिन किसान कटे हुआ धान लेकर जहां भी पहुंचेंगे, वहां तत्काल राहत प्रदान करने के लिए केंद्र खोले जाएंगे।

तटीय जिलों में लगभग 1,500 मिल को रायथू सेवा केंद्रों (आरएसके) से जोड़ा गया है और मिल मालिकों से कहा गया है कि वे गीले धान के लिए सुखाने की जगह एवं कवर उपलब्ध कराएं और प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण उच्च नमी के स्तर को लेकर किसानों को परेशान न करें।

इसके अलावा, फसल सुरक्षा के लिए आवश्यकतानुसार रस्सियों, रेत की बोरियों और प्लास्टिक शीट वाले 50,000 तिरपाल आरएसके में तैयार रखे गए हैं। जिलाधिकारियों को चक्रवात आश्रयों और आपदा शिविरों में भोजन तैयार करने के लिए एमएलएसपी से आवश्यक वस्तुएं प्राप्त करने के लिए अधिकृत किया गया है, और व्यय को ‘ट्रेजरी नियम (टीआर)-27’ के तहत समायोजित किया जा सकता है।

चक्रवात के बाद राहत सामग्री वितरण के लिए अधिसूचित राहत मानदंडों के तहत आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा निर्धारित पैमाने के अनुसार आपूर्ति के लिए मंडल स्तरीय भंडारण बिंदुओं(एमएलएसपी) पर पर्याप्त भंडार रखा गया है। 

टॅग्स :चक्रवाती तूफानआंध्र प्रदेशSDRF
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