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सीपीएम सांसद ने जस्टिस नजीर की राज्यपाल के रूप में नियुक्ति को भारतीय लोकतंत्र पर धब्बा बताया, कही ऐसी बात

By शिवेंद्र राय | Updated: February 12, 2023 20:34 IST

जस्टिस एस अब्दुल नजीर की राज्यपाल के रूप में नियुक्ति पर राजनीतिक बयानबाजी शुरू हो गई है। कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) के नेता और राज्यसभा सांसद एए रहीम ने जस्टिस एस अब्दुल नजीर की राज्यपाल के रूप में नियुक्ति को भारतीय लोकतंत्र पर धब्बा बताया है।

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ठळक मुद्देजस्टिस एस अब्दुल नजीर को आंध्र प्रदेश का राज्यपाल नियुक्त किए जाने पर बवालसीपीएम सांसद एए रहीम ने फैसले को भारतीय लोकतंत्र पर धब्बा बतायाअब्दुल नजीर को आंध्र प्रदेश का राज्यपाल नियुक्त करने पर कांग्रेस भी हमलावर है

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस एस अब्दुल नजीर को आंध्र प्रदेश का राज्यपाल नियुक्त किया गया है। जस्टिस एस अब्दुल नजीर  2019 में अयोध्या मामले में फैसला सुनाने वाली पांच जजों की संविधान पीठ का हिस्सा थे जिसकी अध्यक्षता तत्कालीन सीजेआई रंजन गोगोई ने किया था। अब जस्टिस एस अब्दुल नजीर की राज्यपाल के रूप में नियुक्ति पर राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है। 

कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) के नेता और राज्यसभा सांसद एए रहीम ने जस्टिस एस अब्दुल नजीर की राज्यपाल के रूप में नियुक्ति को भारतीय लोकतंत्र पर धब्बा बताया है। एए रहीम ने एक फेसबुक पोस्ट लिखकर इस फैसले की आलोचना की।  एए रहीम ने लिखा, "वे अयोध्या मामले में फैसला देने वाली पीठ के सदस्य थे। 26 दिसंबर, 2021 को हैदराबाद में अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद (एबीएपी) की राष्ट्रीय परिषद की बैठक में भी उन्होंने हिस्सा लिया था, जिसके बाद विवाद हुआ था। यह परिषद संघ परिवार से जुड़ी हुई है। उन्हें (जस्टिस एस अब्दुल नजीर को) यह प्रस्ताव लेने से मना कर देना चाहिए। देश को अपनी कानून व्यवस्था में विश्वास नहीं खोना चाहिए। मोदी सरकार के ऐसे फैसले भारतीय लोकतंत्र पर धब्बा हैं।"

जस्टिस एस अब्दुल नजीर को आंध्र प्रदेश का राज्यपाल नियुक्त करने पर कांग्रेस भी हमलावर है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राशिद अल्वी ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा, "जजों को सरकारी जॉब देना, सरकारी पोस्ट देना, दुर्भाग्यपूर्ण है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट के 50 फीसदी रिटायर्ड जजों को सरकार कहीं न कहीं भेज देती है जिससे लोगों का यकीन न्यायपालिका पर कम होता चला जाता है। जस्टिस गोगोई को अभी तो राज्यसभा दी थी। अब जस्टिस नजीर साब को आपने गवर्नर बना दिया। रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद के सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर बहुत लोग सवालिया निशान लगाते चले आ रहे हैं। जस्टिस गोगोई के बाद जस्टिस नजीर को गवर्नर बनाना उन लोगों के शक को और मजबूत करता है।"

ऑल इंडिया मज्लिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के नेता वारिस पठान ने भी जस्टिस एस अब्दुल नजीर को आंध्र प्रदेश का राज्यपाल नियुक्त किए जाने पर सवाल उठाए। 

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