पटनाः पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की हत्या के मामले में बंगाल पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। इस हाई-प्रोफाइल मर्डर केस में पश्चिम बंगाल एसटीएफ ने बिहार के बक्सर में ताबड़तोड़ छापेमारी करते हुए कुख्यात अपराधी विशाल श्रीवास्तव को हिरासत में लिया है. बताया जा रहा है कि विशाल पर हत्या और आर्म्स एक्ट के दर्जनों संगीन मामले पहले से दर्ज हैं.
बंगाल एसटीएफ ने अब तक बिहार से एक और यूपी से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ा खुलासा किया है. पश्चिम बंगाल सीआईडी ने विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि विशिष्ट सूचनाओं के आधार पर, मयंक राज मिश्रा और विक्की मौर्य को 10 मई को बिहार के बक्सर से और राज सिंह को बलिया (उत्तर प्रदेश) से हिरासत में लिया गया है.
उल्लेखनीय है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में भाजपा की भारी जीत के बाद सत्ता में आने के तुरंत बाद, सुवेंदु अधिकारी के एक सहयोगी पर हमला हुआ था. शुभेंदु अधिकारी के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने से पहले ही, 6 मई की रात को मध्यग्राम की सड़कों पर उनके सहयोगी चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. उन पर चार गोलियां चलाई गईं थी.
चंद्रनाथ को सीने और हाथ में गोली लगी थी. बाद में उन्हें बचाकर अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया था. सीआईडी और एसटीएफ ने चंद्रनाथ की हत्या की जांच शुरू कर दी है. उन्हें कल एक अहम सुराग मिला. पता चला कि हमलावरों ने बाली टोल प्लाजा पर यूपीआई के जरिए भुगतान किया था. जांचकर्ताओं ने उस डिजिटल लेनदेन के सुराग के आधार पर तलाशी शुरू की.
इसी सुराग के आधार पर वे उत्तर प्रदेश पहुंचे. पश्चिम बंगाल एसटीएफ ने रविवार को बक्सर जिले में छापेमारी कर मुफस्सिल थाना क्षेत्र के पांडेयपट्टी निवासी विशाल श्रीवास्तव को हिरासत में लिया है. विशाल श्रीवास्तव से बक्सर में ही पूछताछ की जा रही है. उसके खिलाफ बक्सर जिले के विभिन्न थानों में हत्या, आर्म्स एक्ट और मारपीट सहित करीब एक दर्जन आपराधिक मामले दर्ज बताए जा रहे हैं.
चंद्रनाथ रथ हत्याकांड से जुड़े कुछ अहम सुरागों के आधार पर एसटीएफ ने यह कार्रवाई की है. हालांकि, बक्सर एसपी शुभम आर्य ने स्पष्ट रूप से यह नहीं बताया कि विशाल को चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में ही हिरासत में लिया गया है. उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल पुलिस की टीम बक्सर आई थी और उसने छापेमारी कर विशाल श्रीवास्तव को पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई है.
एसपी ने कहा कि बंगाल पुलिस ही स्पष्ट कर सकती है कि उसे किस मामले में हिरासत में लिया गया है. जांचकर्ता यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि इन तेज निशानेबाजों को किसने काम पर रखा था? शुभेंदु अधिकारी के सहायक को ही निशाना क्यों बनाया गया? वैसे तो पहले यह आशंका जताई जा रही थी कि चंद्रनाथ की हत्या के पीछे राज्य के बाहर का कोई हाथ हो सकता है. चंद्रनाथ की हत्या एक सुनियोजित साजिश के तहत की गई थी.