'बजरंग दल की साज़िश, मनगढ़ंत केस': TCS नासिक विवाद के बीच आरोपी रज़ा मेमन के परिजनों के सनसनीखेज़ दावे
By रुस्तम राणा | Updated: April 17, 2026 15:04 IST2026-04-17T15:04:13+5:302026-04-17T15:04:13+5:30
मामले में गिरफ्तार आरोपी रज़ा मेनन के चाचा रज़ाक काज़ी ने दावा किया कि यह मामला 'मनगढ़ंत' है और इस पर राजनीतिक प्रभाव है।

'बजरंग दल की साज़िश, मनगढ़ंत केस': TCS नासिक विवाद के बीच आरोपी रज़ा मेमन के परिजनों के सनसनीखेज़ दावे
नासिक: टीसीएस नासिक केस में आरोपी रज़ा मेमन के परिनजनों ने एक नया एंगल जोड़ते हुए इसे बजरंग दल की साज़िश बताया है। साथ ही इस पूरे मामले को मनगढ़ंत बताया है। मामले में गिरफ्तार आरोपी रज़ा मेनन के चाचा रज़ाक काज़ी ने दावा किया कि यह मामला 'मनगढ़ंत' है और इस पर राजनीतिक प्रभाव है।
उन्होंने गिरफ़्तारियों के क्रम और जाँच प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया, “सभी परिवार परेशान हैं। सब कुछ एक साज़िश के तहत हो रहा है। इसमें बजरंग दल शामिल है... जो कुछ भी हुआ, वह सब पहले से लिखा हुआ था।”
उनकी यह टिप्पणी आरोपी तौसीफ़ अत्तार के पिता बिलाल फ़कीर मोहम्मद अत्तार के उन बयानों के बाद आई है, जिनमें उन्होंने सभी आरोपों से इनकार करते हुए कहा था कि उनके बेटे को झूठा फंसाया गया है। उन्होंने कहा, "हम काफ़ी पढ़े-लिखे लोग हैं... उन पर लगाए गए सभी आरोप झूठे हैं और इस बात पर ज़ोर दिया कि यह पूरा मामला मनगढ़ंत है।"
#WATCH | Maharashtra | Nashik TCS alleged religious conversion and sexual harassment | Accused Raza Memon's uncle Razak Kazi says, "All the families are troubled. Everything is happening as per a conspiracy... The Bajrang Dal are involved in this... The girl's family called… pic.twitter.com/RcyI4ZPwHS
— ANI (@ANI) April 16, 2026
कर्मचारियों को टोपी पहनने और कलमा पढ़ने के लिए मजबूर किया गया
इस बीच, कर्मचारियों के आरोपों ने इस विवाद के केंद्र में धार्मिक ज़बरदस्ती के दावों को ला खड़ा किया है। एक पुरुष शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि उत्पीड़न के एक पैटर्न के तहत कर्मचारियों को टोपी पहनने, कलमा पढ़ने और नमाज़ अदा करने के लिए मजबूर किया गया। तौसीफ़ अख्तर और दानिश शेख के अधीन काम करने वाले इस कर्मचारी ने दावा किया कि आदेश न मानने पर उन्हें डराया-धमकाया गया, अलग-थलग कर दिया गया और उन पर काम का बोझ बहुत ज़्यादा बढ़ा दिया गया।
अपने बुरे अनुभव को बताते हुए, शिकायतकर्ता ने एक ऐसे शत्रुतापूर्ण कार्य-वातावरण का आरोप लगाया जहाँ निजी सीमाओं का नियमित रूप से उल्लंघन किया जाता था। इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के अनुसार, उसने दावा किया कि वरिष्ठ अधिकारी कर्मचारियों के निजी जीवन का मज़ाक उड़ाते थे। एक विशेष रूप से परेशान करने वाले आरोप में, उसने कहा कि जब वह और उसकी पत्नी फर्टिलिटी का इलाज करवा रहे थे, तब उससे कहा गया कि वह 'अपनी पत्नी को मैनेजमेंट के पास भेजे'।
बांद्रा में बजरंग दल का विरोध प्रदर्शन
इस बीच, आज दिन में बजरंग दल के सदस्यों ने मुंबई के बांद्रा स्थित कलेक्टर कार्यालय के बाहर ‘कॉर्पोरेट जिहाद’ के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। संगठन के कई सदस्य कार्यालय के बाहर पोस्टर और तख्तियां लेकर नारेबाजी करते हुए दिखाई दिए।
पुलिस ने इस मामले के संबंध में कम से कम नौ FIR दर्ज की हैं, जिनमें से एक पुरुष कर्मचारी द्वारा धार्मिक उत्पीड़न और ज़बरदस्ती धर्म परिवर्तन की कोशिश का आरोप लगाते हुए दर्ज कराई गई है। इन शिकायतों में मौखिक दुर्व्यवहार, मांसाहारी भोजन खाने के लिए मजबूर करना और धार्मिक मान्यताओं का अपमान करने जैसे आरोप लगाए गए हैं।
अब तक आठ लोगों को गिरफ़्तार किया गया है, जिनमें दानिश शेख, तौसीफ़ अत्तार, रज़ा मेमन, शाहरुख कुरैशी, शफ़ी शेख, आसिफ़ आफ़ताब अंसारी और शाहरुख शेख के साथ-साथ एक महिला भी शामिल है। अधिकारियों ने बताया है कि कथित दुर्व्यवहार की पूरी सीमा का पता लगाने और जवाबदेही तय करने के लिए जाँच जारी है।