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खाद्यान्न उत्पादन 30 करोड़ 86 लाख टन के नये रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने का अनुमान: चौथा सरकारी अनुमान

By भाषा | Updated: August 11, 2021 22:04 IST

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नयी दिल्ली, 11 अगस्त पिछले साल अच्छी मानसूनी बारिश के चलते चावल, गेहूं और दालों का अच्छा उत्पादन होने से भारत का खाद्यान्न उत्पादन फसल वर्ष 2020-21 में 3.74 प्रतिशत बढ़कर 30 करोड़ 86 लाख 50 हजार टन के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने का अनुमान है। कृषि मंत्रालय ने बुधवार को यह जानकारी दी।

इसमें कहा गया है कि चावल, गेहूं, मक्का, दलहन और तिलहन में रिकॉर्ड उत्पादन का अनुमान है।

फसल वर्ष 2019-20 (जुलाई-जून) में, देश का खाद्यान्न उत्पादन (गेहूं, चावल, दाल और मोटे अनाज सहित) रिकॉर्ड 29.75 करोड़ टन हुआ था।

फसल वर्ष 2020-21 के लिए चौथा अग्रिम अनुमान जारी करते हुए कृषि मंत्रालय ने कहा कि खाद्यान्न उत्पादन रिकॉर्ड 30 करोड़ 86.5 लाख टन होने का अनुमान है।

वर्ष के लिए 30 करोड़ 54 लाख 30 हजार टन के तीसरे अनुमान में 32.2 लाख टन की वृद्धि करते हुए इसे संशोधित किया गया है।

कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि किसानों की अथक मेहनत, वैज्ञानिकों के कौशल और कृषि और किसान हितैषी सरकार की नीतियों से देश में रिकॉर्ड खाद्यान्न उत्पादन हो रहा है।

उन्होंने कहा, ‘‘केंद्र सरकार भारतीय कृषि को आगे बढ़ाने के लिए राज्यों के साथ मिलकर ठोस काम कर रही है, जो आगे भी जारी रहेगा।’’

आंकड़ों के अनुसार, चावल का उत्पादन फसल वर्ष 2020-21 में रिकॉर्ड 12 करोड़ 22 लाख 70 हजार टन होने का अनुमान है, जबकि पिछले वर्ष में यह 11 करोड़ 88.7 लाख टन था।

गेहूं का उत्पादन उत्पादन फसल वर्ष 2020-21 में बढ़कर रिकॉर्ड 10 करोड़ 95 लाख 10 हजार टन होने का अनुमान है जो उत्पादन पिछले वर्ष 10 करोड़ 78 लाख 60 हजार टन हुआ था। मोटे अनाज का उत्पादन पहले के चार करोड़ 77.5 लाख टन से बढ़कर पांच करोड़ 11.5 लाख टन होने की संभावना है।

फसल वर्ष 2019-20 के दो करोड़ 30 लाख 30 हजार टन की तुलना में दालों का उत्पादन रिकॉर्ड दो करोड़ 57 लाख टन होने का अनुमान है।

गैर-खाद्यान्न श्रेणी में, तिलहन का उत्पादन वर्ष 2020-21 में 3.61 करोड़ टन होने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष तीन करोड़ 32.1 लाख टन था।

तोरी/सरसों का उत्पादन फसल वर्ष 2020-21 में रिकॉर्ड एक करोड़ 1.1 लाख टन होने का अनुमान है।

गन्ने का उत्पादन पिछले वर्ष के 37 करोड़ पांच लाख टन से बढ़कर 39 करोड़ 92.5 लाख टन होने का अनुमान है, जबकि कपास का उत्पादन पहले के तीन करोड़ 60.7 लाख गांठ से घटकर तीन करोड़ 53.8 लाख गांठ (170 किलोग्राम प्रत्येक) रहने की उम्मीद है।

फसल वर्ष 2020-21 में जूट/मेस्टा का उत्पादन थोड़ा घटकर 95.6 लाख गांठ (180 किलोग्राम प्रत्येक) रहने का अनुमान है, जो उत्पादन पिछले वर्ष 98.7 लाख गांठों का हुआ था।

सरकार फसल वृद्धि और कटाई के विभिन्न चरणों के दौरान अंतिम अनुमान से पहले चार अनुमान जारी करती है।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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