Pahalgam Attack Anniversary: एक साल पहले पाक परस्ता आतंकियों द्वारा कश्मीर में फैले आतंकवाद के इतिहास में अंजाम दी गई सबसे कायराना हरकत की बरसी पर प्रदेश में गम और गुस्सा बरकरार है। यह गुस्सा कितना है इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने एक स्वर में कहा है कि हम भूलेंगे नहीं और हम माफ नहीं करेंगे।
पहलगाम आतंकी हमले को एक साल पूरा होने पर, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बुधवार को पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी और आतंकवाद तथा हिंसा से लड़ने के प्रति जम्मू कश्मीर की प्रतिबद्धता को दोहराया।
उमर अब्दुल्ला ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा कि एक साल बाद भी, हम आतंकवाद और हिंसा के खिलाफ एकजुट हैं। हम जम्मू कश्मीर को दुख और बेकसूर लोगों की मौतों से मुक्त कराने के अपने संकल्प पर अडिग हैं। हम यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास करने को प्रतिबद्ध हैं कि ऐसी घटना दोबारा कभी न हो। हम उन परिवारों के साथ भी हमेशा एकजुटता से खड़े हैं, जिन्होंने एक साल पहले उस कायरतापूर्ण हमले में अपने प्रियजनों को खो दिया था। ईश्वर उस आतंकी हमले के पीड़ितों की आत्माओं को शांति प्रदान करे।
मुख्यमंत्री का यह संदेश ऐसे समय आया, जब पूरे जम्मू कश्मीर में लोग पहलगाम हमले के पीड़ितों को याद कर रहे थे और उनके परिवारों के प्रति अपनी एकजुटता व्यक्त कर रहे थे।
यही नहीं पहलगाम में हुए जानलेवा आतंकी हमले की पहली बरसी पर, उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने भी पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी और जम्मू कश्मीर में आतंकवाद से लड़ने के भारत के संकल्प को दोहराया।
22 अप्रैल, 2025 को हुए हमले में अपनी जान गंवाने वालों को याद करते हुए, उपराज्यपाल ने कहा कि देश आतंकवाद के खिलाफ एकजुट है और जम्मू कश्मीर से इस बुराई को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है।
उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने एक्स पर लिखा कि उन निर्दोष आत्माओं को विनम्र श्रद्धांजलि, जिन्होंने 2025 में आज ही के दिन पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले में अपनी जान गंवा दी। उनकी याद हमारे दिलों में हमेशा के लिए बस गई है। मेरी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं उनके परिवारों के साथ हैं।
उन्होंने लिखा कि हम भूलेंगे नहीं और हम माफ नहीं करेंगे। यह हमारा पक्का वादा है। भारत आतंकवाद के खिलाफ एकजुट है। हम जम्मू कश्मीर की धरती से आतंकवाद को जड़ से मिटाने के लिए अपनी अटूट प्रतिबद्धता और दृढ़ संकल्प का प्रण लेते हैं।