नई दिल्लीः कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को "आतंकवादी" कहा। जब एक पत्रकार ने उनके इस बयान के पीछे का संदर्भ पूछा, तो कांग्रेस अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि उनका मतलब यह था कि "पीएम मोदी जनता और राजनीतिक दलों को आतंकित कर रहे हैं।" उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री को कभी आतंकवादी नहीं कहा। भाजपा ने तुरंत और तीखे शब्दों में इसकी निंदा करते हुए कांग्रेस को "शहरी नक्सल पार्टी" बताया। खरगे ने आतंकवादी शब्द का प्रयोग तब किया, जब एआईएडीएमके द्वारा भाजपा सहयोगी के रूप में चुनने पर सवाल उठा रहे थे।
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बयान पर कहा कि यह 140 करोड़ देशवासियों का अपमान है, मैं उनकी कड़ी निंदा करता हूं। जब ऑपरेशन सिंदूर हुआ तब भी कांग्रेस के लोग पाकिस्तान की बोली बोल रहे थे... इन्होंने सवाल खड़ा किया था। ये देशद्रोही, राष्ट्रद्रोही हैं, प्रधानमंत्री के खिलाफ बयान देना उचित नहीं है।
वे अपने लिए गड्ढा खुद खोद रहे हैं। ऐसी बयानबाज़ी के लिए कांग्रेस गड्ढे में जाएगी। मैं फिर एक बार ऐसे अपमानजनक बयान की निंदा करता हूं... जिन्होंने अभी हमारे लाडली बहनों के महिला आरक्षण बिल को गिराने का पाप किया है... इन्हें हमारी बहनें सबक सीखाएंगी। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बयान पर केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है।
मेरा मानना है कि राहुल गांधी की नफरत फैलाने वाली राजनीति, और उन्होंने जिस तरह की राजनीतिक परंपरा शुरू की है कि देश में विद्वेश पैदा करना, देश को इस तरह बांटना, उसका प्रभाव अब उनकी पार्टी के निचले स्तर के सदस्यों पर भी देखने को मिल रहा है। यह कांग्रेस पार्टी के चाल, चरित्र और चेहरे को जनता के सामने बेनकाब कर रहा है।
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बयान पर कहा, "कांग्रेस पार्टी चाहे मल्लिकार्जुन खरगे हों या कोई और ओछी बयानबाजी करती है। कांग्रेस ने आतंकियों की सरगना रही है... वोटों के लिए आज वे इतने नीचे गिर गए हैं कि वे देश का अपमान कर रहे हैं... राहुल गांधी की मां ने प्रधानमंत्री को 'मौत का सौदागर' कहा था।
ये लोग जितनी ज़्यादा गालियां देंगे, प्रधानमंत्री मोदी उतनी ही तेज़ी से आगे बढ़ेंगे। अगर किसी ने देश को बदनाम किया है, तो वह कांग्रेस पार्टी है। कर्नाटक सरकार में मंत्री प्रियांक खरगे ने मल्लिकार्जुन खरगे के बयान को लेकर भाजपा के विरोध पर कहा, "उन्हें विरोध प्रदर्शन करने की पूरी आज़ादी है।
लेकिन मल्लिकार्जुन खरगे ने साफ़ तौर पर कहा है कि प्रधानमंत्री मोदी ED, IT और CBI जैसी एजेंसियों का इस्तेमाल करके विपक्ष को डराते हैं। हालांकि, जब वे विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, तो उन्हें इस बात का जवाब भी देना चाहिए: भाजपा की अपनी बयानबाज़ी का क्या होगा—खासकर कांग्रेस नेताओं को "राष्ट्र-विरोधी" और "अर्बन नक्सली" बताने वाली उनकी बयानबाज़ी का?
इसके अलावा, BJP के सहयोगी चंद्रबाबू नायडू ने भी एक बार प्रधानमंत्री मोदी को "सबसे बड़ा आतंकी" कहा था; इसलिए, उन्हें सबसे पहले अपने ही सहयोगियों से यह स्पष्टीकरण मांगना चाहिए कि वे असल में प्रधानमंत्री मोदी के बारे में क्या सोचते हैं।"
AAP दिल्ली अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बयान पर कहा, "हर चुनाव से पहले उन्हें(प्रधानमंत्री) आंसू बहाने का कोई बहाना चाहिए होता है और कांग्रेस का ही कोई नेता हर बार क्यों ऐसी ढीली गेंद फेंकता है जिसपर भाजपा छक्का लगाती है। यह सवाल बार-बार आ रहा है कि कांग्रेस की तरफ से ही इस तरह प्रधानमंत्री को फायदा देने वाले वाक्य क्यों बोले जाते हैं?"
भाजपा प्रतिनिधिमंडल चुनाव आयोग पहुंचा, प्रधानमंत्री पर टिप्पणी के लिए खरगे पर कार्रवाई की मांग की
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का एक प्रतिनिधिमंडल बुधवार को निर्वाचन आयोग पहुंचा और उसने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की ‘‘आतंकवादी’’ संबंधी टिप्पणी के लिए उनके (खरगे) खिलाफ "कड़ी से कड़ी कार्रवाई" की मांग की। इस प्रतिनिधिमंडल में निर्मला सीतारमण समेत तीन केंद्रीय मंत्री शामिल थे।
कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने भाजपा प्रतिनिधिमंडल द्वारा चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज कराने पर कहा, "मल्लिकार्जुन खरगे ने अपना रुख साफ कर दिया है। पूरा देश, BJP के नेता और कार्यकर्ता भी प्रधानमंत्री मोदी से डरे हुए हैं और आतंकित हैं; यही असलियत है। इसमें कुछ भी गलत नहीं है। भाजपा के लोगों को चुनाव आयोग जाने की क्या ज़रूरत थी?
वे बस एक फोन करा देते... क्या अब (चुनाव आयोग की) कोई साख बची है? पहले, दुनिया की नज़र में भारत के चुनाव आयोग की छवि बेदाग थी..." उन्होंने आगे कहा, "पहलगाम के लोगों को जो आतंकियों ने मारा उन्हें आज तक न्याय नहीं मिला... पहलगाम से पहले, पुलवामा की हालात देखिए। उनके (भाजपा) लिए, किसी की जान की कोई कीमत नहीं है।"