नई दिल्लीः भारत निर्वाचन आयोग ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को "आतंकवादी" कहे जाने का संज्ञान लिया है और खरगे को 24 घंटे के भीतर अपना पक्ष स्पष्ट करने के लिए नोटिस जारी किया है। यह कार्रवाई केंद्रीय मंत्रियों निर्मला सीतारमण, किरेन रिजिजू, अर्जुन राम मेघवाल और अन्य भाजपा नेताओं के प्रतिनिधिमंडल द्वारा निर्वाचन आयोग की पूर्ण पीठ से मुलाकात करने और खरगे की प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ "आतंकवादी" टिप्पणी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने के कुछ घंटों बाद हुई।
टिप्पणी को चुनाव नियमों का संभावित उल्लंघन बताते हुए आयोग ने उनसे 24 घंटे के भीतर जवाब मांगा है। खरगे ने मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रधानमंत्री मोदी को "आतंकवादी" कहा था। जब एक पत्रकार ने पूछा, तो कांग्रेस अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि उनका मतलब था कि मोदी "लोगों और राजनीतिक दलों को आतंकित कर रहे हैं"। उन्होंने प्रधानमंत्री को आतंकवादी कहने से भी इनकार किया।
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बयान पर कहा कि ऐसी घिनोनी बात कांग्रेस पार्टी की ही सोच हो सकती है। गांधी परिवार और उनके जोड़ीदार साथियों की सोच ही ऐसी है। इन्हें पच नहीं रहा कि प्रधानमंत्री मोदी को भारत की जनता ने तीन बार भारत का प्रधानमंत्री बनाया।
उनकी सोच यह है कि तमिलनाडु में स्टालिन परिवार, केंद्र में गांधी परिवार रहे और बंगाल में ममता बनर्जी चाहती हैं कि उनके बाद उनका भतीजा मुख्यमंत्री बन जाएं... मल्लिकार्जुन खरगे की बातों में हताशा दिखाई दी। यह बहुत ही निंदनीय है। उन्होंने अभी तक माफी भी नहीं मांगी है... क्या उनके सहयोगी उद्धव ठाकरे, स्टालिन, वाइको सब यही सोच रखते हैं? इन सबने देश की जनता के साथ विश्वासघात किया है।