Delhi Heat wave: भारत में गर्मी का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। अप्रैल महीने में भीषण गर्मी को देखते हुए दिल्ली सरकार लू के बुरे असर से छात्रों को बचाने के लिए स्कूलों के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। स्कूलों में सुबह की असेंबली रद्द कर दी गई हैं या उन्हें छायादार या अंदर के हिस्सों तक सीमित कर दिया गया है, ताकि छात्रों को तेज़ गर्मी का कम से कम सामना करना पड़े। शिक्षा विभाग के एक सर्कुलर के मुताबिक, स्कूलों को हर 45 से 60 मिनट में घंटी बजाने का निर्देश भी दिया गया है, ताकि छात्रों को पानी पीने की याद दिलाई जा सके और यह पक्का किया जा सके कि वे ठीक से हाइड्रेटेड रहें।
इन उपायों का मकसद बच्चों को गर्मी से जुड़ी बीमारियों से बचाना और डिहाइड्रेशन के खतरे को कम करना है। शिक्षकों को निर्देश दिया गया है कि वे अभिभावकों को मौसम की स्थिति के बारे में नियमित रूप से जानकारी दें, जबकि छात्रों को लू के प्रति जागरूकता और सुरक्षा के बारे में शिक्षित किया जाएगा।
अभिभावकों को सलाह दी गई है कि वे अपने बच्चों को स्कूल में हल्के, सूती कपड़े पहनाकर भेजें जो गर्मी के मौसम के लिए सही हों। स्कूलों से यह भी कहा गया है कि वे चल रही लू के दौरान छात्रों के बीच निजी साफ-सफाई बनाए रखने के महत्व पर ज़ोर दें।
दिल्ली के स्कूलों के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश यहाँ दिए गए हैं:
बाहरी असेंबली: बाहरी असेंबली को कम किया जाएगा या छायादार/अंदर के हिस्सों में बहुत कम समय के लिए आयोजित किया जाएगा। खुले में कोई क्लास नहीं ली जाएगी।
वॉटर बेल पहल: स्कूल "वॉटर बेल" सिस्टम लागू करेंगे, जिसके तहत नियमित अंतराल पर (हर 45-60 मिनट में) घंटी बजाई जाएगी, ताकि छात्रों को डिहाइड्रेशन से बचने के लिए पानी पीने की याद दिलाई जा सके।
हाइड्रेशन के उपाय: छात्रों को अपने साथ पीने का पर्याप्त पानी रखना चाहिए। स्कूलों को कई जगहों पर सुरक्षित और ठंडा पीने का पानी उपलब्ध कराना सुनिश्चित करना चाहिए।
IEC सामग्री का प्रदर्शन: दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग द्वारा लू से बचाव के उपायों पर जारी की गई IEC (सूचना, शिक्षा और संचार) सामग्री को स्कूलों में दिखाई देने वाली जगहों पर, जैसे नोटिस बोर्ड, गलियारों और क्लासरूम में प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाएगा।
जागरूकता सत्र: स्कूल क्लास के समय/असेंबली के दौरान छात्रों के लिए छोटे जागरूकता सत्र/संक्षिप्त जानकारी सत्र आयोजित करेंगे, ताकि उन्हें बचाव के उपायों, हाइड्रेशन के महत्व और गर्मी से जुड़ी बीमारियों के लक्षणों की पहचान के बारे में शिक्षित किया जा सके।
जहाँ भी जरूरत हो, तत्काल प्राथमिक उपचार और चिकित्सा सहायता सुनिश्चित की जानी चाहिए।
बडी सिस्टम: एक बडी सिस्टम स्थापित किया जाएगा, जिसमें स्कूल के समय के दौरान हर छात्र को दूसरे छात्र के साथ जोड़ा जाएगा, ताकि वे एक-दूसरे की शारीरिक सेहत पर नज़र रख सकें और एक-दूसरे का ख्याल रख सकें।
बाहरी गतिविधियाँ: यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि छात्र बाहरी शारीरिक गतिविधियों से बचें। नियमित परामर्श अपडेट: क्लास टीचर, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के परामर्शों को अपने-अपने क्लास-विशिष्ट WhatsApp ग्रुप के माध्यम से अभिभावकों के साथ साझा करेंगे, ताकि गर्मी से बचाव के उपायों के संबंध में नियमित मार्गदर्शन और जागरूकता सुनिश्चित की जा सके।
आदेश में कहा गया है कि स्कूल, प्रार्थना सभा/असेंबली और नोटिस बोर्ड के माध्यम से छात्रों के साथ दैनिक लू के पूर्वानुमान और अलर्ट साझा करेंगे, ताकि समय पर जागरूकता और आवश्यक सावधानियां सुनिश्चित की जा सकें।