लाइव न्यूज़ :

फिच ने चालू वित्त वर्ष में जीडीपी वृद्धि का अनुमान घटाकर 8.7% किया

By भाषा | Updated: October 7, 2021 19:08 IST

Open in App

नयी दिल्ली, सात अक्टूबर फिच रेटिंग्स ने चालू वित्त वर्ष के लिए भारत की आर्थिक वृद्धि दर के अनुमान को घटाकर 8.7 प्रतिशत कर दिया है। हालांकि उसने अगले वित्त वर्ष के लिए जीडीपी वृद्धि के अनुमान को बढ़ाकर 10 प्रतिशत किया है। रेटिंग एजेंसी ने कहा है कि कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर ने आर्थिक पुनरुद्धार को पटरी से उतारने के बजाय उसमें बस देरी की।

फिच रेटिंग्स ने अपने 'एपीएसी सॉवरेन क्रेडिट ओवरव्यू' में कहा कि भारत की 'बीबीबी-/नकारात्मक' साख "एक स्थिर मध्यम अवधि में वृद्धि के मजबूत परिदृश्य और ठोस विदेशी रिजर्व के साथ बाह्य स्तर पर मजबूती को उच्च सार्वजनिक ऋण, एक कमजोर वित्तीय क्षेत्र और कुछ पिछड़े संरचनात्मक कारकों की तुलना में संतुलित करती है।"

उसने कहा कि 'नकारात्मक' नजरिया, महामारी से लगे झटके के कारण भारत के सार्वजनिक वित्त में हुई तेज गिरावट के बाद ऋण के पथ पर अनिश्चितता दिखती है।

फिच ने कहा कि उसने मार्च 2022 को समाप्त होने वाले वित्त वर्ष (वित्त वर्ष 2021-22) के लिए भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के पूर्वानुमान को जून में बताए गए 10 प्रतिशत से 8.7 प्रतिशत तक कम कर दिया है और ऐसा कोविड महामारी की गंभीर दूसरी लहर की वजह से हुआ है।

उसने जून में वृद्धि दर के अनुमान को 12.8 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत कर दिया था।

2021-22 के वित्तीय वर्ष के अनुमानों की तुलना पिछले वित्तीय वर्ष में दर्ज 7.3 प्रतिशत के संकुचन और 2019-20 में चार प्रतिशत की वृद्धि से की जाती है।

रेटिंग कंपनी ने कहा, "हमारे विचार में, हालांकि, दूसरी लहर के प्रभाव के तौर पर भारत का आर्थिक पुनरुद्धार पटरी से उतरने के बजाए, उसमें देरी हुई। इसी को देखते हुए हमने जून में वित्त वर्ष 2022-23 के लिए जताये गये जीडीपी वृद्धि के 8.5 प्रतिशत अनुमान को को बढ़ाकर 10 प्रतिशत कर दिया है।’’

निर्यात, पीएमआई, जीएसटी संग्रह जैसे महत्वपूर्ण आंकड़े चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही (अप्रैल 2021-मार्च 2022) में एक मजबूत वापसी की ओर इशारा करते हैं, क्योंकि व्यावसायिक गतिविधि फिर से महामारी से पहले के स्तर पर लौट आयी है।

फिच ने हालांकि राजकोषीय घाटा बढ़ने की आशंका जतायी है।

उसने कहा, "हमने वित्त वर्ष 2021-22 में केंद्र सरकार के लिए जीडीपी (विनिवेश को छोड़कर) में 7.2 प्रतिशत घाटे का अनुमान लगाया है।

वित्त वर्ष 2021-22 के बजट में चालू वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटा 6.8 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया गया है।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

क्रिकेटराजस्थान रॉयल्स की 5वीं जीत, 10 अंक के साथ नंबर-2?, लखनऊ सुपर जायंट्स की 5वीं हार, घर में पंत, बडोनी और मार्करम 0 पर आउट

भारतसीएम ममता बनर्जी को झटका, गोपीबल्लभपुर निर्वाचन क्षेत्र से वर्तमान विधायक डॉ. खगेंद्र नाथ महतो भाजपा में शामिल, वीडियो

क्राइम अलर्ट3 नाबालिग बच्चों के सामने मां-पापा को चाकू से वार कर हत्या, पुलिस मुठभेड़ में आरोपी अरेस्ट

क्राइम अलर्टशादी नहीं हो रही, पोस्टर लगाकर पुलिस अधिकारी बताया?, 26 वर्षीय ऋषिकेश राजू जाधव अरेस्ट

क्रिकेटपहले 15-20 गेंद खेलो और फिर गेंदबाज पर टूट पड़ो?, 101 की पारी खेलने वाले तिलक वर्मा बोले- रोहित भइया की सलाह?

कारोबार अधिक खबरें

कारोबारसोने की कीमत 300 रुपये टूटकर 1.57 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 2,700 रुपये फिसलकर 2.55 लाख रुपये प्रति किग्रा

कारोबार100000 रोजगार, 2.56 लाख करोड़ रुपये का निवेश, 18 बड़ी परियोजनाओं के लिए विशेष प्रोत्साहन?, सीएम देवेंद्र फडणवीस ने लगाई मुहर

कारोबारजनऔषधि केंद्र पर बेच रहे थे शैंपू-परफ्यूम?, 5000 जुर्माना और ₹20000 का सामान जब्त, नागपुर स्टेशन पर हड़कंप

कारोबारअलीगढ़ का शेखा झील पक्षी अभयारण्य भारत का 99वां रामसर स्थल बना 

कारोबारई-मैन्डेट नियमों में बदलाव; RBI का फैसला, अब ₹15,000 तक के ऑटो-पेमेंट के लिए नहीं होगी OTP की जरूरत