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प्रमोद भार्गव का ब्लॉगः कड़े प्रहार से ही मिटेगा भ्रष्टाचार 

By प्रमोद भार्गव | Updated: August 28, 2019 11:11 IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भ्रष्टाचार के खिलाफ शून्य सहिष्णुता की नीति अपनाई हुई है. लोकसभा चुनाव अभियान में उन्होंने जनता से भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई के लिए भी जनादेश मांगते हुए कहा था कि ‘जिनके चेहरों पर धूल चढ़ी है, वे आईना साफ करने में लगे हैं.’

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ठळक मुद्देकेंद्र सरकार ने एक बार फिर 22 भ्रष्ट अधिकारियों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति देकर भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार किया है. यह अधिकारी केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड विभागों से जुड़े थे.लगातार हो रही इस तरह की कार्रवाइयों से पता चलता है कि नरेंद्र मोदी सरकार भ्रष्टाचार के मामले में कठोर दृष्टिकोण अपनाए हुए है.

केंद्र सरकार ने एक बार फिर 22 भ्रष्ट अधिकारियों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति देकर भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार किया है. यह अधिकारी केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड विभागों से जुड़े थे. इनमें 11 अधिकारी भोपाल क्षेत्र में पदस्थ थे. भोपाल के अलावा नागपुर, बेंगलुरु, दिल्ली, जयपुर, कोलकाता, मेरठ और मुंबई में तैनात थे. इन सभी पर भ्रष्टाचार व रिश्वत लेने के आरोप थे. 

लगातार हो रही इस तरह की कार्रवाइयों से पता चलता है कि नरेंद्र मोदी सरकार भ्रष्टाचार के मामले में कठोर दृष्टिकोण अपनाए हुए है. इसके पहले सीबीआई उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर के जिलाधीश अभय सिंह समेत तीन अधिकारियों के यहां छापे डालकर असाधारण कार्रवाई को अंजाम दे चुकी है. भारतीय प्रशासनिक सेवा के किसी अधिकारी के कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी रहते हुए शायद पहली बार छापा डाला गया था. अभय सिंह के शयन कक्ष से 49 लाख रुपए नगद बरामद हुए थे. सीबीआई ने इस मामले में इन तीनों आईएएस समेत पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति और पूर्व आईएएस जीवेश नंदन एवं संतोष कुमार सहित 14 लोगों के विरुद्ध प्रकरण पंजीबद्ध किया है.  

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भ्रष्टाचार के खिलाफ शून्य सहिष्णुता की नीति अपनाई हुई है. लोकसभा चुनाव अभियान में उन्होंने जनता से भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई के लिए भी जनादेश मांगते हुए कहा था कि ‘जिनके चेहरों पर धूल चढ़ी है, वे आईना साफ करने में लगे हैं.’ यह लोकोक्ति भ्रष्ट नेताओं और अधिकारियों के संदर्भ में ही कही गई थी. 

फलत: दोबारा सत्ता में आने के बाद भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करते हुए तीन चरणों में 49 अधिकारियों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति देकर बाहर का रास्ता दिखा दिया. इन अधिकारियों में आयकर, विक्रयकर, राजस्व और बैंक अधिकारी शामिल हैं. अब सीबीआई ऐसे लोगों के यहां भी छापे डाल रही है, जो हथियारों की तस्करी के अलावा अन्य देशद्रोही व अलगाववादी जैसी आपराधिक गतिविधियों में लिप्त हैं. 

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