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उत्तराखंड में मूसलाधार बारिश से भारी तबाही, 34 लोगों की मौत, एनडीआरएफ की 15 टीम तैनात, 4 लाख रुपये मुआवजा की घोषणा

By सतीश कुमार सिंह | Updated: October 19, 2021 20:38 IST

उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के आपदा प्रबंधन मंत्री धान सिंह रावत और राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अशोक कुमार के साथ बारिश से हुए नुकसान का आकलन करने के लिए प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया।

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ठळक मुद्देमौसम में सुधार होने से पहले अपनी यात्रा शुरू न करें।लगातार बारिश से किसानों पर काफी असर पड़ा है।मजिस्ट्रेट से चारधाम यात्रा मार्ग पर फंसे हुए तीर्थयात्रियों की खासतौर से देखभाल करने का निर्देश दिया।

देहरादूनः उत्तराखंड में मूसलाधार बारिश हो रही है। राज्य में अभी तक 34 लोगों की मौत हो गई है। एनडीआरएफ की 15 टीम तैनात हैं। खासतौर से कुमाऊं क्षेत्र में मूसलाधार बारिश हो रही है। घर धराशायी हो गए और कई लोग मलबे में फंस गए।

उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि अब तक 34 की मौत हुई है। 5 लापता हुए हैं। मृतकों के परिवारों को 4 लाख रुपये का मुआवजा, घर गंवाने वालों को 1.9 लाख रुपये दिए जाएंगे। जिन लोगों ने अपना पशुधन खो दिया है, उन्हें हर संभव मदद दी जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्थिति का जायजा लेने के लिए उनसे फोन पर बात की और उन्हें हरसंभव मदद देने का आश्वासन दिया।

नैनीताल की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि जिला प्रशासन शहर में फंसे पर्यटकों की मदद करने की पूरी कोशिश कर रहा है, आने वाले और बाहर जाने वाले यातायात को चेतावनी देने के लिए पुलिस को तैनात किया गया है। भूस्खलन ने कस्बे में निकास मार्ग को अवरुद्ध कर दिया है। रामनगर-रानीखेत मार्ग पर लेमन ट्री रिसॉर्ट में लगभग 100 लोग फंस गए, जिससे कोसी नदी का पानी रिसॉर्ट में प्रवेश कर गया।

कई भूस्खलनों के कारण नैनीताल तक जाने वाली तीन सड़कों के अवरुद्ध होने की वजह से इस लोकप्रिय पर्यटक स्थल का राज्य के बाकी हिस्सों से संपर्क टूट गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आश्वस्त किया कि सेना के तीन हेलीकॉप्टर राज्य में चल रहे राहत एवं बचाव अभियानों में मदद करने के लिए जल्द पहुंचेंगे।

इनमें से दो हेलीकॉप्टरों को नैनीताल भेजा जाएगा जहां भारी बारिश से व्यापक पैमाने पर नुकसान पहुंचा है, बादल फटने और भूस्खलन से कई मकान ढह गए हैं तथा मलबे में लोग फंसे हुए है। एक हेलीकॉप्टर को बचाव अभियान में मदद करने के लिए गढ़वाल क्षेत्र में भेजा जाएगा।

नैनीताल जिले में बिजली, दूरसंचार और इंटरनेट संपर्क भी बुरी तरह बाधित है। एसईओसी ने बताया कि नैनीताल में 90 मिलीमीटर, हल्द्ववानी में 128 मिमी, कोश्याकुटोली में 86.6 मिमी, अल्मोड़ा में 216.6 मिमी, द्वाराहाट में 184 मिमी और जागेश्वर में 176 मिमी बारिश हुई।

इस बीच, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने पर्वतीय राज्य में फंसे गुजराती तीर्थयात्रियों के संबंध में मंगलवार को उत्तराखंड के अपने समकक्ष से बात की और उनसे पर्यटकों को हरसंभव मदद देने का अनुरोध किया। गुजरात के राजस्व मंत्री राजेंद्र त्रिवेदी ने बताया कि एक अनुमान के अनुसार गुजरात के विभिन्न हिस्सों से करीब 100 तीर्थयात्री भारी बारिश और भूस्खलनों के कारण उत्तराखंड में फंसे हुए हैं। ये तीर्थयात्री चारधाम यात्रा के लिए उत्तराखंड गए हैं। 

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