गुजरात के गिर नेशनल पार्क में तौकते तूफान से पिछले साल 35 लाख से ज्यादा पेड़ उखड़ गए। एक रिपोर्य में यह बात कही गई है। अधिकारियों के सामने इन गिरे हुए पेड़ों को हटाने की चुनौती है। ...
शुक्रवार को अपडेट किए गए आंकड़ों में कहा गया है कि 70 नए लोगों की मौत के साथ मरने वालों की संख्या बढ़कर 5,26,600 हो गई। मंत्रालय ने कहा कि सक्रिय मामलों में कुल संक्रमणों का 0.31 प्रतिशत शामिल है। ...
शुक्रवार को लखनऊ स्थित चौधरी चरण सिंह हवाईअड्डा परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ से नई दिल्ली, बंगलुरु और गोवा के लिए एयर एशिया की नई उड़ान सेवा का शुभारंभ किया। अगले महीने कोलकाता और मुंबई के लिए भी हवाई सेवाएं श ...
महंगाई पर बोलते हुए कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने भी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा है कि महंगाई बहुत बढ़ गई है, ऐसे में सरकार को कुछ करना होगा। ...
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने दिल्ली में एक प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि मैं जितना लोगों की आवाज़ उठाता हूं, जितना सच बोलता हूं उतना ज्यादा मुझ पर हमला किया जाता है। मैं लोकतंत्र के लिए खड़े होने का अपना काम करता रहुंगा...यह बात समझ लीज ...
महंगाई और बेरोज़गारी के खिलाफ कांग्रेस देशभर में विरोध प्रदर्शन कर रही है. राहुल गांधी समेत कांग्रेस के कई बड़े नेता राष्ट्रपति भवन तक मार्च के लिए निकले लेकिन उन्हें रास्ते में रोक दिया गया. प्रियंका गांधी समेत कई नेताओं को हिरासत में लिया गया है. प ...
पश्चिम बंगाल कॉलेज और यूनिवर्सिटी प्रोफेसर्स एसोसिएशन की पूर्व महासचिव बैसाखी बनर्जी ने गुरुवार को खुलासा किया कि एक साधारण पृष्ठभूमि से आने वाले छात्र नेताओं को शिक्षा के क्षेत्र में शक्तिशाली और मजबूत नाम बनते देखना अजीब था। ...
पीएम नरेंद्र मोदी ने हर घर तिरंगा अभियान का एलान करते हुए देशवासियों से तिरंगा फहराने की अपील की है। इसी के साथ पीएम मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में हर घर तिरंगा अभियान के तहत लोगों से यह अपील की है कि वे 2 से 15 अगस्त के बीच अपने सोशल मीडिया प्रोफाल ...
राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा, ‘‘इस तानाशाह सरकार को डर लग रहा है। भारत के हालत से, कमरतोड़ महंगाई और ऐतिहासिक बेरोज़गारी से, अपनी नीतियों से लायी बर्बादी से। जो सच्चाई से डरता है, वो ही आवाज़ उठाने वालों को धमकाता है!’’ ...
हर समझदार व्यक्ति अपनी निजी आर्थिक स्थिति की वाजिब चिन्ता करता है लेकिन क्या यह हर लेखक के सम्भव है कि वो अपने साथ-साथ देश-दुनिया की अर्थव्यवस्था की लिखित चिन्ता करता रहे? पढ़ें रंगनाथ सिंह का नजरिया... ...