नागपुर: देशभर में सनसनी फैलाने वाले ‘नीट-यूजी 2026’ पेपर लीक मामले में अब ‘नागपुर कनेक्शन’ सामने आया है. कुछ आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद नांदेड़ के एक संदिग्ध परिवार को नागपुर से आए फोन पर पेपर से जुड़े सभी दस्तावेज तुरंत जला देने की सलाह दी गई थी. इस चौंकाने वाली जानकारी के सामने आने के बाद नांदेड़ एयरपोर्ट के पास संदिग्ध दस्तावेज जलाए जाने की बात भी सामने आई. इसके बाद केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने शनिवार को नांदेड़ के विद्युतनगर इलाके में बड़ी कार्रवाई की.
सीबीआई की विशेष टीम ने अश्विनी भाऊराव कदम के घर करीब आठ घंटे तक पूछताछ की. कदम परिवार पर आरोप है कि उन्होंने अपनी बेटी के लिए पांच लाख रुपये देकर नीट का पेपर खरीदा था. इस कार्रवाई के बाद नांदेड़ समेत पूरे राज्य के शिक्षा क्षेत्र में हड़कंप मच गया है.
मिली जानकारी के अनुसार, शनिवार सुबह से ही सीबीआई की टीम विद्युतनगर स्थित कदम परिवार के फ्लैट पर पहुंच गई थी. घर के महत्वपूर्ण दस्तावेज, मोबाइल फोन का डेटा, आर्थिक लेन-देन और संदिग्ध संपर्कों की बारीकी से जांच की गई. सूत्रों के मुताबिक, लातूर में शुक्रवार को एक कोचिंग क्लास संचालक से पूछताछ के बाद टीम सीधे नांदेड़ पहुंची थी.
जांच के दौरान सामने आए ‘नागपुर कनेक्शन’ ने इस पूरे रैकेट के दायरे को और गंभीर बना दिया है. नीट पेपर लीक मामले में कुछ आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अश्विनी कदम को नागपुर से एक अज्ञात व्यक्ति का फोन आया था. फोन पर पेपर से जुड़े सभी सबूत तुरंत नष्ट करने की चेतावनी दी गई थी. यह जानकारी जांच एजेंसियों को मिली है.
नागपुर से फोन करने वाला शख्स कौन?
सूत्रों के अनुसार, इस फोन के बाद नांदेड़ एयरपोर्ट की दीवार के पास कुछ संदिग्ध दस्तावेज जलाए गए. अब सीबीआई यह पता लगाने में जुटी है कि नागपुर से फोन करने वाला व्यक्ति कौन था, उसका इस पेपर लीक रैकेट से क्या संबंध है और इस घोटाले की जड़ें नागपुर तक कितनी गहरी हैं.
120 अंक लाने वाली छात्रा के आए 560 अंक
बताया जा रहा है कि नांदेड़ में तैयारी के दौरान संबंधित छात्रा को केवल 100 से 120 अंक मिल रहे थे. इसके बाद पेपर लीक से जुड़ाव होने के बाद छात्रा और उसकी मां 15 दिनों के लिए पुणे गई थीं. बाद में जब नीट परीक्षा हुई तो उसी छात्रा के 560 अंक आए. यह देखकर रिश्तेदार और उसके दोस्त भी हैरान रह गए थे. अब इस चमत्कार के पीछे का सच सामने आ गया है.