नागपुर: महाराष्ट्र के गढ़चिरोली जिले में नक्सलवाद के खिलाफ चलाए गए सबसे बड़े अभियानों में से एक में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. पुलिस ने आठ सशस्त्र नक्सलियों को गिरफ्तार किया है, जबकि पांच नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया. इसके बाद गढ़चिरोली जिले को अब पूरी तरह नक्सलमुक्त माना जा रहा है. इस कार्रवाई में पुलिस ने 51 आधुनिक हथियार और 6534000 रुपये नकद भी बरामद किए हैं.
गढ़चिरोली के पुलिस अधीक्षक एम. रमेश के नेतृत्व में चलाए गए ‘ऑपरेशन अंतिम प्रहार’ के तहत गढ़चिरोली पुलिस के विशेष अभियान दल और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल ने सीमावर्ती इलाकों में संयुक्त कार्रवाई की. अभियान के दौरान तेलंगाना और छत्तीसगढ़ सीमा से कुल आठ सशस्त्र नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया.
गिरफ्तार नक्सलियों में राजू उर्फ मंगडू वेको, जनी उर्फ नगी येमला, जयराम गावड़े, मुकेश उर्फ लच्छू अवलाम, विजय उर्फ मंगडू तामो, रजिता उर्फ शामबत्ती मडावी, ज्योति उर्फ समिता पोटावी और आमती उर्फ आयती इडमा पोडियाम शामिल हैं. इनमें जयराम गावड़े गढ़चिरोली का निवासी है, जबकि बाकी आरोपी छत्तीसगढ़ के रहने वाले हैं.
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार 31 मार्च के बाद गढ़चिरोली में कंपनी नंबर 10 के केवल छह सशस्त्र नक्सली सक्रिय थे. इनमें से एक नक्सली मोनी मडावी ने छत्तीसगढ़ में आत्मसमर्पण किया, जबकि बाकी पांच को गिरफ्तार कर लिया गया. पुलिस का दावा है कि जिले में अब एक भी सशस्त्र नक्सली सक्रिय नहीं बचा है. पत्रकार परिषद में एसपी एम. रमेश ने बताया कि गिरफ्तार आठों नक्सलियों पर कुल 6400000 रुपये का इनाम घोषित था. वहीं आत्मसमर्पण करने वाले पांच नक्सलियों पर 3800000 रुपये का इनाम था.
पुलिस ने कार्रवाई के दौरान नक्सलियों के छिपाए गए हथियारों का बड़ा जखीरा भी बरामद किया. जब्त हथियारों में दो एलएमजी रायफल, चार एके-47, चार एसएलआर रायफल और तीन इंसास रायफल समेत कुल 51 बंदूकें शामिल हैं. पुलिस ने 6534000 रुपये नकद भी जब्त किए हैं. अधिकारियों के मुताबिक यह रकम नक्सली गतिविधियों और घातपात की योजनाओं के लिए छिपाकर रखी गई थी.