मध्य प्रदेश: कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने भोजशाला मामले में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के निर्णय पर कहा, "जहां तक भोजशाला का प्रकरण है, उसमें थोड़ा अध्ययन करने की आवश्यकता है। उसके दो-तीन कारण हैं। पहला कारण यह कि ये ASI द्वारा संरक्षित स्मारक है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा संरक्षित स्मारक के अंदर पूजा का कोई प्रावधान कानूनन तौर पर नहीं है। अब ये बात सामने आई कि यह स्मारक भोजशाला है या मंदिर है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने इसका सर्वे किया था और उस समय जब उमा भारती मुख्यमंत्री थीं...
तब सरकारी वकील ने जब ASI की रिपोर्ट प्रस्तुत की थी तो उसमें इस बात का उल्लेख किया गया था कि यहां पर मंदिर का कोई प्रमाण नहीं मिला है... बाबरी मस्जिद गिरने के बाद नरसिम्हा राव ने यह कानून बना दिया था कि राम मंदिर-बाबरी मस्जिद विवाद को छोड़कर अन्य मंदिर या मस्जिद का कोई बदलाव नहीं होगा। गुप्त रूप से भाजपा के पास केवल हिंदू-मुसलमान के अलावा और कोई मुद्दा नहीं है। गरीब महंगाई से मरा जा रहा है... पूरी तरह से लोगों का ध्यान भटकाया जा रहा है..."