सुप्रीम कोर्ट भारत का सर्वोच्च न्यायिक फोरम है। सुप्रीम कोर्ट में मुख्य न्यायाधीश के अतिरिक्त 30 अन्य न्यायमूर्ति होते हैं। जिनके पास संविधान समीक्षा समेत अनेक शक्तियां होती हैं। सुप्रीम कोर्ट के पास किसी संबैधानिक मसले पर स्वतः संज्ञान लेने की भी शक्तियां होती हैं। भारत की सुप्रीम कोर्ट भारत की राजधानी नई दिल्ली में स्थित है। सुप्रीम कोर्ट के वर्तमान चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा हैं।भारत के संविधान के चैप्टर पांच के पांचवें भाग द्वारा निर्धारित संवैधानिक निकाय है। इसकी स्थापना 26 जनवरी 1950 में हुई थी। जैसा कि भारतीय संविधान द्वारा कहा गया है, सुप्रीम कोर्ट का काम संविधान के रक्षक के तौर पर काम करना है, संघीय सरकार के प्राधिकार द्वारा स्थापित अदालत और अपील के लिए यह सबसे ऊपरी अदालत है। Read More
Sarkari Naukri Supreme Court: पीठ में न्यायमूर्ति हृषिकेश रॉय, न्यायमूर्ति पीएस नरसिम्हा, न्यायमूर्ति पंकज मिथल और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा भी शामिल थे। ...
सीजेआई, कई अन्य शीर्ष न्यायालय के न्यायाधीशों के साथ संग्रहालय में टहल रहे थे, तभी उनकी मुलाकात एआई वकील से हुई। फिर उन्होंने इसकी क्षमता को परखने का मौका लिया और पूछा, "क्या भारत में मृत्युदंड संवैधानिक है?" ...
अदालत ने कहा कि यदि पटाखों से होने वाले प्रदूषण पर नियंत्रण नहीं किया गया तो अराजकता की स्थिति पैदा हो जाएगी। अदालत ने सरकार और राजधानी पुलिस से पूछा कि वे बताएं कि भविष्य में ऐसी स्थिति को रोकने के लिए वे क्या उपाय कर रहे हैं। ...
Rhea Chakraborty: बॉलीवुड दिवा रिया चक्रवर्ती को आखिरकार सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली, जब शीर्ष अदालत ने उनके, भाई शोविक और उनके पिता के खिलाफ जारी लुक-आउट-सर्कुलर (एलओसी) को रद्द करते हुए सीबीआई की याचिका खारिज कर दी। ...
Justice Sanjiv Khanna: कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘भारत के संविधान द्वारा प्रदत्त शक्ति का इस्तेमाल करते हुए, माननीय राष्ट्रपति, भारत के माननीय प्रधान न्यायाधीश से परामर्श के बाद, उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजीव ...
Aadhaar Card Supreme Court: न्यायमूर्ति संजय करोल और न्यायमूर्ति उज्जल भुइयां की पीठ ने कहा कि मृतक की उम्र किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल और संरक्षण) अधिनियम, 2015 की धारा 94 के तहत विद्यालय परित्याग प्रमाणपत्र में उल्लिखित जन्मतिथि से निर्धारित की ज ...
पाकिस्तान की ‘नेशनल असेंबली’ ने रविवार रात भर चली बहस के बाद सोमवार को विवादास्पद 26वें संविधान संशोधन विधेयक को पारित कर दिया। विधेयक में मुख्य न्यायाधीश का कार्यकाल तीन वर्ष तक सीमित करने का प्रावधान है। ...