निर्मला सीतारमण भारतीय जनता पार्टी की वरिष्ठ नेता और वर्तमान में भारत की रक्षामंत्री हैं। 2017 में रक्षामंत्री का पदभार संभालने से पहले उनके पास वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय का स्वतंत्र प्रभार था। इसके अलावा वो वित्त एवं कारपोरेट मामलों की राज्यमंत्री भी रह चुकी हैं। निर्मला सीतारमण के विषय में कहा जाता है कि वो भारत की पहली पूर्णकालिक महिला रक्षामंत्री हैं। निर्मला का जन्म तमिलनाडु के मदुरै में हुआ था। उन्होंने मद्रास के तिरुचिरापल्ली से शुरुआती पढ़ाई की और उसके बाद सीतालक्ष्मी रामास्वामी कॉलेज से इकोनॉमिक्स में बीए की पढ़ाई की। इसके बाद जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय से इकोनॉमिक्स में एमए की पढ़ाई की है। वो चंद्रबाबू नायडू की कम्यूनिकेशन एडवाइजर भी रह चुकी हैं और बाद में उन्होंने बीजेपी ज्वॉइन कर ली। Read More
जीएसटी (GST) काउंसिल की 41वीं बैठक में आज राज्यों को मिलने वाले जीएसटी कंपेनसेशन और कई प्रॉडक्ट पर जीएसटी रेट्स रिविजन को लेकर विशेष रूप से चर्चा हुई। जिसके बाद प्रेस ब्रीफिंग कर मीडिया को जानकारी दी गई। ...
देश की सबसे बड़ी दुपहिया विनिमार्ता कंपनी हीरो मोटो कार्प ने 2019 में सरकार से दुपहिया वाहन श्रेणी में जीएसटी दर में चरणबद्ध तरीके से कमी लाने का आग्रह किया था। ...
निजी क्षेत्र से निवेश बढ़ाने के मुद्दे पर सीतारमण ने कहा कि सरकार ने सितंबर 2019 में कंपनी कर की दर में बड़ी कटौती की लेकिन कोविड- 19 की वजह से निवेश नहीं हो सका। ...
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने अर्थव्यवस्था की स्थिति एवं बेरोजगारी को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि छवि सुधारने में सरकारी पैसे का उपयोग किया जा रहा है। ...
सीतारमण ने कई ट्वीट कर कहा, ‘‘कैग की 2019 की रिपोर्ट नंबर 20... रक्षा ‘ऑफसेट’ का प्रदर्शन ’ को बजट सत्र (2020) के दौरान संसद में पेश किया जाना था। कोविड के कारण सत्र समय से पहले समाप्त हो गया। अब यह रिपोर्ट अगले सत्र में रखी जाएगी। विषय वस्तु उसके बा ...
देश में राष्ट्रीय अवसंरचना पाइपलाइन (एनआईपी) के तहत विभिन्न क्षेत्रों की 7,000 परियोजनाओं की पहचान की गई है जिनमें 2020 से 2025 के दौरान 111 लाख करोड़ रुपये का निवेश होने का अनुमान है। ...
अपने कार्य-व्यवसाय में से लाभ का हिस्सा जब कोई व्यक्ति सरकार को देता है, तो कोरोना काल जैसी आपदा में जब मंदी के काले बादल गहरा रहे हों, उसे भी सरकार की ओर से सहयोग मिलना चाहिए. यदि सरकार सहयोग करने की हालत में नहीं हो तो कम-से-कम आयकरदाता को ब्याजमुक ...