भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर (Indian Institute of Technology Kanpur) भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों में से एक है। इस शिक्षण संस्थान की स्थापना 1959 में उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर में हुई है। यहां विज्ञान एवं अभियान्त्रिकी में रिसर्च और स्नातक डिग्री दी जाती है। आईआईटी कानपुर और आईआईटीके के नाम से भी मशहूर है। Read More
इंडिगो एयरलाइंस के सह-संस्थापक व संस्थान के पूर्व छात्र राकेश गंगवाल की ओर से भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) कानपुर के स्कूल ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी के लिए 100 करोड़ रुपये का दान दिया गया है। ...
पीएम मोदी भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), कानपुर के 54वें दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए और उन्होंने छात्रों को उपाधि प्रदान करने के लिए ब्लॉकचेन तकनीक आधारित डिजिटल डिग्री देने की शुरुआत की। ...
शीर्ष आठ आईआईटी - दिल्ली, बॉम्बे, कानपुर, मद्रास, खड़गपुर, रुड़की, गुवाहाटी और वाराणसी में - सबसे ज्यादा घरेलू पैकेज सालाना 1.8 करोड़ रुपय का ऑफर किया गया है। जबकि अंतरराष्ट्रीय पैकेज 2.15 से लेकर 2.4 करोड़ रुपये तक ऑफर किए गए हैं। ...
सैमसंग ने बुधवार को जारी एक बयान में कहा कि 2022 में स्नातक करने वाले युवा इंजीनियरों को कृत्रिम मेधा, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स एवं क्लाउड डेटा विश्लेषण जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों के लिए नियुक्त किया जाएगा। ...
भारत में आईआईटी में प्रवेश लेना हर इंजीनियरिंग उम्मीदवार का अंतिम लक्ष्य है। हर कोई चाहता है कि उसे आईआईटी का ब्रांड नाम साझा करने का मौका मिले लेकिन नॉन-टेक्नीकल बैकग्राउंड से आने वाले छात्रों के पास क्या विकल्प हैं? आपको बता दें कि आपके पास अपनी प ...
कोरोना वायरस का असर शिक्षा पर दिख रहा है। बच्चे घर से ही ऑनलाइन क्लास कर रहे हैं। इस बीच कोविड के कारण संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई)-मुख्य भी टल गया है। शिक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि अगले साल जनवरी के बजाए फरवरी में कराया जा सकता है। ...
पीएम मोदी ने छात्रों से कहा कि ग्लोबलाइजेशन महत्वपूर्ण है। लेकिन इसके साथ्ज्ञ आत्मनिर्भरता भी उतनी ही जरूरी है। भारत आज अपने युवाओं को ईज ऑफ डुईंग बिजनेस देने के लिए प्रतिबद्ध है ताकि ये युवा अपने नवाचार से करोड़ों देशवासियों के जीवन में परिवर्तन ला स ...