Guru Pushya Nakshatra 2026: आज गुरुवार (23 अप्रैल) को गुरु पुष्य नक्षत्र और गंगा सप्तमी का महासंयोग बना है। ज्योतिषीय दृष्टि से यह मांगलिक कार्य को संपन्न करने हेतु, और शुभ चीजों की खरीदारी के लिए बेहद ही शुभ समय है। मान्यता के अनुसार, इस दिन शुभ कार्यों को करने से जातकों को इसके कई गुणा शुभ फलों की प्राप्ति होती है।
देवगुरु बृहस्पति और पुष्य नक्षत्र का मेल
ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार, जब गुरु ग्रह और पुष्य नक्षत्र का मेल होता है, तो यह समय सिद्ध योग जैसा प्रभाव देता है, जिसमें किए गए कार्य लंबे समय तक फल देते हैं। इस दिन खरीदी गई वस्तुएं दीर्घकाल तक टिकाऊ और लाभकारी मानी जाती हैं. खासकर सोना, वाहन, संपत्ति आदि।
गुरु पुष्य नक्षत्र किन कार्यों के लिए लाभकारी?
गुरु पुष्य नक्षत्र गृह प्रवेश, मुंडन, जनेऊ संस्कार, पूजन, यज्ञ, शिक्षा ग्रहण करने, नए कार्य की शुरुआत और कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करना सफलता, स्थिरता और शुभ परिणाम प्रदान करता है। गुरु पुष्य नक्षत्र में पीले कपड़े में हल्दी की गांठ बांधकर मां लक्ष्मी को अर्पित करें। इसके बाद इसे तिजोरी में रखें। मान्यता है इससे धन प्राप्ति के रास्ते खुलते हैं. पैसों की आवक बढ़ती है।
इस दिन जरूर करें ये शुभ कार्य
गुरु पुष्य योग में लाल गाय को गुड़ खिलाना बहुत शुभ माना जाता है। साथ ही इस दिन चांदी का एक चौकर खरीदकर लाएं और फिर उसका पूजन करें। ऐसा करने से आर्थिक संकट दूर होता है और परिवार के सदस्यों की उन्नति होती है। मान्यता है कि इस दिन खरीदी गईं चीजें अक्षय होती हैं। अक्षय का अर्थ होता है जिसका कभी क्षय ना हो।
इस दिन भूल से भी न करें ये चीजें, लगता है श्राप
ग्रहों की विपरीत दशा से बावजूद भी यह योग बेहद शक्तिशाली है। इसके प्रभाव में आकर सभी बुरे प्रभाव दूर हो जाते हैं, परंतु ऐसा कहते हैं कि इस योग में विवाह जैसा शुभ कार्य नहीं करना चाहिए। शास्त्रों में उल्लेखित है कि एक श्राप के अनुसार इस दिन किया हुआ विवाह कभी भी सुखकारक नहीं हो सकता।