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बिहार में 37 साल पहले हुआ था भारत का सबसे बड़ा रेल हादसा, ये हैं अब तक के 10 बड़े ट्रेन एक्सीटेंड

By धीरज पाल | Updated: February 3, 2019 12:23 IST

बिहार के हाजीपुर में सीमांचल एक्सप्रेस (12487) जोगबनी-आनंद विहार टर्मिनल सीमांचल एक्सप्रेस ट्रेन के 11 डिब्बों के पटरी से उतर जाने से 7 लोगों की मौत हो गई जबकि 24 अन्य घायल हो गए। लेकिन क्या आपको मालूम है कि 37 साल पहले बिहार में ही भारत का सबसे बड़ा ट्रेन हादसा हुआ था।

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ठळक मुद्दे37 साल पहले बिहार में ही हुआ था भारत का सबसे बड़ा ट्रेन हादसा3 अगस्त, 1999 में दूसरा सबसे बड़ा हुआ था हादसादो ट्रेनों की एक दूसरे से हुई थी टक्कर

बिहार के हाजीपुर में सहदेई बुजुर्ग रेलवे स्टेशन के पास रविवार (3 फरवरी) तड़के करीब चार बजे  सीमांचल एक्सप्रेस (12487)   जोगबनी-आनंद विहार टर्मिनल सीमांचल एक्सप्रेस ट्रेन के 11 डिब्बों के पटरी से उतर जाने से 7 लोगों की मौत हो गई जबकि 24 अन्य घायल हो गए। साल 2018 में दशहरा के मौके पर पंजाब के अमृतसर के चौड़ा बाजार में रावण दहन देखने आए लोग एक भयावह ट्रेन हादसे का शिकार हुए। जिसमें 60 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 40 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे।

लेकिन क्या आपको मालूम है कि 37 साल पहले बिहार में ही भारत का सबसे बड़ा ट्रेन हादसा हुआ था। मानसी से सहरसा जा रही ट्रेन हादसे का शिकार हो गई। इस हादसे में 800 से अधिक लोगों की मृत्यु हो गई थी, जबिक 1000 से अधिक लोग घायल हो गए।  

आइए जानते हैं देश में अब तक हुए सबसे बड़े रेल हादसे के बारे में- 

1. तूफान के कारण नदी में जा गिरी थी ट्रेन

भारत की अब तक सबसे बड़ी ट्रेन दुर्घटना 6 जून,1981 को हुई थी। बिहार में तूफान के कारण ट्रेन नदी में जा गिरी थी। ऐसा कहा जाता है तूफान की गति इतनी तेज थी कि ट्रेन उस दौरान संभल नहीं पाई और एक नदी में जा गिरी। इस हादसे में 800 की मौत हो गई। जबकि 1000 से अधिक लोग घायल हो गए थे।

2. ब्रह्मपुत्र मेल हादसा

देश का दूसरा सबसे बड़ा ट्रेन हादसा 3 अगस्त, 1999 को हुए रेल हादसे को माना जाता है। तब दिल्ली जा रही ब्रह्मपुत्र मेल से अवध-असम एक्सप्रेस की टक्कर हो गई। पश्चिम बंगाल में हुए इस ट्रेन हादसे में 285 लोगों की मौत हो गई। जबकि 312 लोग घायल हो गए थे।

3. पुरुषोत्तम एक्सप्रेस हादसा

भारत का तीसरा सबसे बड़ा ट्रेन हादसा 20 अगस्त, 1995 को हुए हादसे को कहा जाता है। तब नई दिल्ली जा रही पुरुषोत्तम एक्सप्रेस की टक्का कालिंदी एक्सप्रेस से हो गई थी। उत्तर प्रदेश में हुए इस हादसे में 250 लोगों की मौत हो गई थी। जबकि 250 लोग घायल हो गए ‌थे।

4. नदी में जा गिरी ट्रेन

साल 1981 के सबसे बड़े ट्रेन की हादसे की तरह ही 22 जून, 2001 को एक ट्रेन नदी में जा गिरी थी। लेकिन इस बार तूफान कारण नहीं था। मंगलोर-चेन्नई मेल केरल की कडलुंडी नदी में गिर गई थी। इसमें 59 लोग मारे गए थे।

5. राजधानी एक्सप्रेस हादसा

भारत में राजधानी एक्सप्रेस की रफ्तार सबसे तेज मानी जाती है। 9 सितंबर, 2002 को हावड़ा से नई दिल्ली जा रही तेज रफ्तार राजधानी एक्सप्रेस दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। इस ट्रेन हादसे में कुल 120 लोगों की जान गई थी।

6. रेल बजट पेश होने वाले दिन हुआ था हादसा

14 फरवरी 2009 को भारत का रेल बजट पेश किया गया था। उसी हावड़ा से चेन्नई जा रही कोरोमंडल एक्सप्रेस के 14 डिब्बे ओडिशा में पटरी से उतर गए थे। जाजपुर रेलवे स्टेशन के पास हुए इस ट्रेन हादसे में 16 लोगों ने जान गवाई थी। जबकि 50 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे।

7. दो ट्रेनों की एक दूसरे से हुई थी टक्कर

ऐसा भयानक मंजर देश में शायद ही पहले कभी हुआ था, जब दो ट्रेनें एक दूसरे से टकरा जाएं। 19 जुलाई 2010 को पश्चिम बंगाल में उत्तर बंग एक्सप्रेस और वनांचल एक्सप्रेस की जोरदार टक्कर हुई थी। इसमें 62 लोगों की मौत हुई थी। जबकि 150 से ज्यादा लोगों को घायल बताया गया था।

8. नक्सली हमले के चलते पटरी से उतरी ट्रेन

भारत में ट्रेनों पर हमले का पुराना इतिहास रहा है। लेकिन 28 मई, 2010 को पश्चिम बंगाल में संदिग्ध नक्सलियों के द्वारा किए गए हमले के चलते ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस पटरी से उतर गई थी। तब हुए इस ट्रेन हादसे में 170 लोगों की मौत हो गई। इसे भी भारत के सबसे बड़े ट्रेन हादसों में एक बताया जाता है।

9. इस साल हुए थे 14 रेल हादसे, तमिलनाडु एक्सप्रेस हादसा रहा था सबसे बड़ा

भारत में अगर प्रति वर्ष होने वाले ट्रेन हादसों के आंकड़ों पर जाएं तो संख्या बहुत ज्यादा हो जाती है। लेकिन साल 2012 बड़े ट्रेन हादसों के लिहाज से भी सबसे बुरे सालों में गिना जाता है। इस एक साल लगभग 14 बड़े रेल हादसे हुए थे। जिनमें सबसे बड़ा हादसा 30 जुलाई 2012 को हुआ था। तब दिल्ली से चेन्नई जाने वाली तमिलनाडु एक्सप्रेस के एक कोच में नेल्लोर के पास आग लग गई थी। इस ट्रेन हादसे में 30 से अधिक लोगों को जान गवानी पड़ी थी।

10. सो रहे थे लोग, जब आई मौत

साल 2016 में उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात जिले के पुखरायां में हुए हादसे को भी भारत के इतिहास के सबसे बड़े ट्रेन हादसों में गिना जाता है। यहां 20 नवंबर 2016 सुबह-सुबह जब लोग सो रहे थे तभी इंदौर-पटना एक्सप्रेस के 14 डिब्बे पटरी से उतर गए थे। इस ट्रेन हादसे 100 से ज्यादा यात्रियों की मौत, जबकि 150 से ज्यादा लोगों के घायल होने की खबर थी। 

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