नई दिल्लीः तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने बृहस्पतिवार को परिसीमन विधेयक की एक प्रति जलाकर उसे ‘‘काला कानून’’ करार दिया और आरोप लगाया कि यह विधेयक तमिल लोगों को उनकी अपनी ही भूमि में ‘‘शरणार्थी’’ बनाने का प्रयास है। प्रस्तावित परिसीमन बिल पर DMK सांसद TR बालू ने कहा कि हां, यह राष्ट्र विरोधी है। केंद्र सरकार के परिसीमन बिल के विरोध में राज्य मंत्री और DMK नेता अंबिल महेश पोय्यामोझी के तिरुचिरापल्ली के थेन्नूर स्थित आवास पर काले झंडे लगाए गए। DMK प्रेसिडेंट और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने काले कपड़े पहनकर केंद्र के डिलिमिटेशन कदम के विरोध में काला झंडा फहराया। उन्होंने डिलिमिटेशन बिल की एक कॉपी भी जलाई।
कांग्रेस सहित विपक्ष के कई प्रमुख दलों ने लोकसभा में महिला आरक्षण लागू करने से संबंधित संवैधानिक संशोधन विधेयक को पेश किए जाने से एक दिन पहले बुधवार को कहा कि वे महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने के पक्ष में हैं, लेकिन इस विधेयक के परिसीमन के प्रावधानों का पुरजोर विरोध करेंगे क्योंकि ये ‘खतरनाक’ हैं।
राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष एवं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर हुई विपक्षी दलों की बैठक में नारीशक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन और परिसीमन संबंधी विधेयक पर विस्तार से चर्चा की गई तथा ‘‘सर्वसम्मति से’’ यह फैसला किया गया कि वे परिसीमन के प्रावधानों के खिलाफ एकजुट होकर वोट करेंगे।
नारी वंदन शक्ति अधिनियम पर केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि हम लोगों ने पूरी तैयारी की है। आज बहुत अच्छी बहस होगी। मेरा विश्वास है कि हर पार्टी अपना-अपना पक्ष रखेगी। मुख्य मुद्दा यह है कि महिलाओं को आरक्षण देना। लोकसभा और विधानसभाओं में भारत की महिलाओं को 33% आरक्षण देना।
सामान्य सीट से भी महिलाएं चुनकर आ सकती हैं लेकिन 33% आरक्षण देने के बाद भारत के लिए यह ऐतिहासिक हो जाएगा। भारत दुनिया में मिसाल कायम करेगा कि हम महिलाओं के लिए कितना बड़ा कदम उठा रहे हैं। इस पर विरोध होने की आवश्यकता नहीं है। परिसीमन या अन्य विषयों को उठाकर महिला आरक्षण को गिराने का प्रयास नहीं किया जाना चाहिए।
परिसीमन को लेकर भ्रम फैलाया जा रहा है। इससे किसी को नुकसान नहीं है, जो संसद में साफ भी हो जाएगा, चर्चा में सरकार की ओर से सभी बातें खुलकर सामने आएगी लेकिन कुछ पार्टियों ने दक्षिण भारत में परिसीमन के संबंध में गलत संदेश फैलाने का प्रयास किया है, मेरी उनसे अपील है कि वे ऐसा न करें।
महिला आरक्षण बिल पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा, "मुझे पूरा भरोसा है कि जब से सदन में आएंगे तो महिलाओं के प्रति उनमें संवेदना जगेगी और जो महिलाओं में सालों से इंतजार है अब उनके सब्र की सीमा टूट रही है। इसे सब मिलकर पास करेंगे... किसी के साथ भेदभाव नहीं होगा।"