अहमदाबाद: गुजरात में अहमदाबाद में दर्दनाक हादसा सामने आया है। जिया डाकी ने वो कर दिखाया था, जिसका सपना पूरे भारत के हजारों छात्र देखते हैं। उन्होंने NEET परीक्षा पास कर गुजरात के सबसे प्रतिष्ठित मेडिकल कॉलेजों में से एक में दाखिला पा लिया था। 19 साल की उम्र में वह अहमदाबाद के बीजे मेडिकल कॉलेज में दूसरे सेमेस्टर में थीं।
हालांकि सोमवार दोपहर को एमबीबीएस प्रथम वर्ष की छात्रा अपने हॉस्टल के कमरे में फांसी पर लटकी हुई मिलीं। अपने माता-पिता को लिखे तीन पन्नों के नोट में उन्होंने खुद को "असफल" बताया। शाहिबाग पुलिस ने आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज किया है। इंस्पेक्टर जेएच सिंधव ने बताया कि जूनागढ़ के केशोड की रहने वाली डाकी 5 महीने पहले शाहिबाग देवी गर्ल्स हॉस्टल के कमरा नंबर 527 में रहने आई थीं।
नियमित रूप से कक्षाओं में आने के बावजूद वह चुपचाप रहती थी। इंस्पेक्टर ने बताया कि उनके दोस्तों ने अंतर्मुखी बताया। दोस्त ने कहा कि दूसरे से कम बात करती थी और मुश्किल से हॉय भी करती थी।उन्होंने आगे कहा, "हाल ही में कोई परीक्षा नहीं हुई थी और न ही जल्द ही होने वाली थी।" पुलिस ने उनके कमरे की तलाशी ली तो उन्हें एक डायरी मिली।
जिसमें उन्होंने अपने माता-पिता को संबोधित तीन पन्नों का हस्तलिखित नोट रखा था। इंस्पेक्टर सिंधव ने बताया कि डाकी ने खुद को "असफल" बताया और लिखा कि वह अकेलापन महसूस करती है और दोस्त बनाने में असमर्थ है। उसने अपने इस फैसले के लिए किसी और को दोषी नहीं ठहराया।
कॉलेज अधिकारियों ने बताया कि डाकी ने NEET परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करके गुजरात के सबसे प्रतिष्ठित मेडिकल संस्थानों में से एक, बीजे मेडिकल कॉलेज में दाखिला हासिल किया था। पुलिस ने कहा, "वह शायद ही कभी क्लास से गैरहाज़िर रहती थी। वह सिर्फ सोमवार को अनुपस्थित रही।"
जब डाकी स्कूल नहीं आई और उसके कमरे में कोई हलचल नहीं दिखी, तो कॉलेज अधिकारियों को सूचना दी गई। बाद में वह अपने कमरे में फांसी पर लटकी हुई मिली। कॉलेज अधिकारियों ने बताया कि गांधीनगर में रहने वाली उसकी बड़ी बहन को घटना की सूचना दी गई। बहन तुरंत अस्पताल पहुंची और पोस्टमार्टम के बाद डाकी का शव उसके गृह नगर ले गई।
कॉलेज अधिकारियों ने कहा, "यह हैरानी की बात है कि NEET में इतने अच्छे अंक लाने वाली लड़की खुद को असफल मानती है।" पुलिस ने बताया कि डाकी की मानसिक स्थिति के बारे में और जानने के लिए उसके रूममेट और सहपाठियों से पूछताछ की जाएगी। पुलिस डाकी के मोबाइल फोन की भी जांच करेगी। पुलिस ने बताया कि संवेदनशील स्वभाव के अलावा, उन्हें मौत का कोई अन्य स्पष्ट कारण नहीं मिला है।