नई दिल्लीः केंद्र सरकार ने गुरुवार को लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक पेश किया, जो संसद के चल रहे विशेष सत्र के दौरान एक महत्वपूर्ण विधायी कदम है। संसद विशेष सत्र में बहस शुरू हो गई। लोकसभा में गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि अखिलेश यादव और सपा दल सभी सीट मुस्लिम महिलाओं को दे दें?, हमें क्या आपति होगी। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने लोकसभा में पूछा कि "इतनी जल्दी क्या है?" अमित शाह ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा, "समाजवादी पार्टी अपने सभी टिकट मुस्लिम महिलाओं को दे सकती है, हमें कोई आपत्ति नहीं है।"
लोकसभा में बोलते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, "अखिलेश यादव ने पूछा कि जनगणना क्यों नहीं हो रही है। मैं पूरे देश को बताना चाहता हूं कि जनगणना का प्रोसेस शुरू हो चुका है। सरकार ने जाति जनगणना कराने का फैसला किया है, और जाति के डेटा के साथ गिनती की जा रही है। अगर समाजवादी पार्टी का बस चलता, तो वे घरों को जाति भी देते। धर्मेंद्र यादव ने मुस्लिम महिलाओं को रिज़र्वेशन देने की बात कही। यह गैर-संवैधानिक है। धर्म के आधार पर रिज़र्वेशन गैर-संवैधानिक है।"
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, "नारी शक्ति वंदन अधिनियम में भी ये तीनों बिल एक साथ आने थे और सदन ने उनकी सहमति से पास किए आज सुबह वे विरोध करने का तय करके आए हैं इसलिए हर चीज में विरोध किए जा रहे हैं।"
महिला आरक्षण बिल और प्रस्तावित डिलिमिटेशन बिल पर कांग्रेस MP सोनिया गांधी ने कहा, "मेरी पार्टी ने अपनी स्थिति साफ कर दी है। मेरे पास कहने के लिए कुछ नहीं है।" RJD सांसद मीसा भारती ने नारी वंदन शक्ति अधिनियम पर कहा, "...आज विशेष सत्र बुलाया गया है। देखते है कि इस बिल में क्या है। बिल तो पहले ही पारित हो चुका था, उसमें क्या संशोधन किया जाता है ये देखने वाली बात है..."