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दंतेवाड़ा में पुलिस शिविर की स्थापना, नाराज आदिवासियों हुए उग्र, पुलिस ने गोलियां चलाईं व आंसू गैस छोड़े

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: November 13, 2019 08:35 IST

बस्तर क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी. ने मंगलवार को यहां बताया कि जिले के पोटाली गांव में पुलिस ने सोमवार से नए शिविर की शुरुआत की है।

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ठळक मुद्देपोटाली गांव अरनपुर थाना से लगभग 10 किलोमीटर की दूरी पर है व नक्सल प्रभावित क्षेत्र है।पिछले वर्ष विधानसभा चुनाव के दौरान अरनपुर क्षेत्र में नक्सली हमले में दूरदर्शन के कैमरामैन और सुरक्षा बलों के तीन जवानों की मृत्यु हुई थी।

छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा जिले में पुलिस शिविर की स्थापना से नाराज सैकड़ों आदिवासियों ने प्रदर्शन किया।

आदिवासियों के उग्र होने के बाद पुलिस ने हवा में गोलियां चलाईं व आंसू गैस के गोले भी छोड़े। इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। बस्तर क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी. ने मंगलवार को यहां बताया कि जिले के पोटाली गांव में पुलिस ने सोमवार से नए शिविर की शुरुआत की है।

पोटाली गांव अरनपुर थाना से लगभग 10 किलोमीटर की दूरी पर है व नक्सल प्रभावित क्षेत्र है। पिछले वर्ष विधानसभा चुनाव के दौरान अरनपुर क्षेत्र में नक्सली हमले में दूरदर्शन के कैमरामैन और सुरक्षा बलों के तीन जवानों की मृत्यु हुई थी। पुलिस अधिकारी ने बताया कि नए बने इस शिविर में छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल और डीआरजी के जवानों को तैनात किया गया है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि मंगलवार को यहां आदिवासी बड़ी संख्या में शिविर के सामने एकत्र हो गए हो गए तथा विरोध- प्रदर्शन करने लगे।

जब सुरक्षा बलों के अनुरोध के बाद भी प्रदर्शनकारी वहां से नहीं गए, सुरक्षा बलों ने हवाई फायर किया तथा आंसू गैस के गोले दागे। हालांकि इस घटना में किसी के भी घायल होने की सूचना नहीं है। वहीं जिले के पुलिस अधीक्षक अभिषेक पल्लव ने बताया कि आज जिले के कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा और उन्होंने स्वयं शिविर का दौरा किया तथा ग्रामीणों से मुलाकात की। चर्चा के दौरान ग्रामीणों ने यह कहते हुए नए शिविर की स्थापना पर नाराजगी जाहिर की कि इससे स्थानीय लोगों पर पुलिस के अत्याचार की घटना बढ़ेगी।

हालांकि अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाया कि उनकी सुरक्षा के लिए ही पुलिस शिविर लगाया जा रहा है। पल्लव ने बताया कि कलेक्टर और उनके गांव से लौटने के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण तीर धनुष, कुल्हाड़ी और अन्य हथियार से लैस होकर शिविर की ओर बढ़ने लगे। इसके बाद सुरक्षा बलों ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे और हवा में गोली चलाई।

बस्तर क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी. ने कहा कि अपने गढ़ में नए पुलिस शिविर से नक्सली परेशान हैं तथा उन्होंने वहां के आदिवासियों को उकसाया है। इस शिविर के कारण क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियान में तेजी आएगी और यही कारण है नक्सली इस शिविर के शुरू होने से चिंतित हैं। 

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