Jammu-Kashmir: कश्मीर आकर एडवेंचर टूरिज्म का मजा लेने की ख्वाहिश रखने वालों को अब निराश नहीं होना पड़ेगा क्योंकि पिछले साल 22 अप्रैल को पहलगाम नरसंहार के उपरांत सोनमर्ग और पहलगाम में राफ्टिंग की जिस गतिविधि को रोक दिया गया था वह अब दो दिन बाद फिर से चालू होने जा रही है। अधिकारियों ने इसकी पुष्टि की है कि सोनमर्ग और पहलगाम में राफ्टिंग की गतिविधियां 7 मई के बाद फिर से शुरू होने वाली हैं, जिससे कश्मीर में एडवेंचर टूरिज्म को नई गति मिलेगी।
एक पर्यटन अधिकारी ने बताया कि मौसम की स्थितियों को देखते हुए इस फैसले को मंजूरी दे दी गई है, और सभी जरूरी इंतजाम किए जा रहे हैं।
एक वरिष्ठ पर्यटन अधिकारी ने बताया कि सुरक्षित और सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के लिए तैयारियां चल रही हैं। पर्यटन अधिकारी का कहना था कि हमने दोनों जगहों पर राफ्टिंग के लिए मंजूरी दे दी है। सुरक्षा प्रोटोकाल को मजबूत किया जा रहा है ताकि पर्यटक बिना किसी जोखिम के इस अनुभव का आनंद ले सकें।
उनका कहना था कि अधिकारी प्रशिक्षित गाइड, सही उपकरणों और बचाव तंत्र पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। किसी भी दुर्घटना से बचने के लिए नदी के रास्तों की समीक्षा की जा रही है। पर्यटन अधिकारी ने बताया कि स्थानीय एजेंसियों और पर्यटन विभागों के बीच तालमेल को और बेहतर बनाया जा रहा है।
सोनमर्ग में, आने वाले महीनों में एक बड़े राफ्टिंग कार्यक्रम की योजना पर भी काम चल रहा है। उम्मीद है कि यह कार्यक्रम देश-विदेश के एडवेंचर के शौकीनों को अपनी ओर आकर्षित करेगा। स्थानीय जानकारों का मानना है कि इससे यह इलाका उत्तरी भारत में राफ्टिंग के एक प्रमुख केंद्र के रूप में अपनी पहचान बना सकता है।स्थानीय निवासियों और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोगों ने इस कदम का स्वागत किया है।
सोनमर्ग के एक स्थानीय होटल मालिक का कहना था कि राफ्टिंग से एक अलग तरह के पर्यटक आते हैं। ये पर्यटक यहां ज्यादा समय तक रुकते हैं और ज्यादा खर्च करते हैं। पहलगाम के एक अन्य निवासी का कहना था कि इससे युवाओं को गाइड, ड्राइवर और सहायक कर्मचारियों के तौर पर रोजगार के अवसर मिलेंगे।
जबकि पर्यटन विशेषज्ञों का कहना है कि राफ्टिंग जैसी एडवेंचर गतिविधियां कश्मीर के पर्यटन क्षेत्र में विविधता लाने में मदद करती हैं। पर्यटक यहां सिर्फ कुछ समय के लिए घूमने के बजाय ऐसे अनुभवों में शामिल होते हैं, जिनसे उनका यहां रुकने का समय बढ़ जाता है। इससे होटलों, परिवहन संचालकों और स्थानीय व्यवसायों की आमदनी में भी बढ़ोतरी होती है।
सुरक्षा उपायों और सुनियोजित कार्यक्रमों के चलते, इन दोनों पर्यटन स्थलों पर राफ्टिंग के लिए पर्यटकों की लगातार आवाजाही बने रहने की उम्मीद है। यदि मौसम अनुकूल रहा, तो पर्यटन अधिकारियों को उम्मीद है कि इस सीजन की शुरुआत जोरदार होगी, जिससे आने वाले महीनों में घाटी की पर्यटन अर्थव्यवस्था को काफ़ी बढ़ावा मिलेगा।