नई दिल्लीः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "जिस समाजवादी पार्टी ने संसद में महिला आरक्षण को रोका है, उसे भी उत्तर प्रदेश की महिलाओं का आक्रोश सहना पड़ेगा। महिला विरोधी समाजवादी पार्टी कुछ भी करके अपने पाप को धूल नहीं पाएगी।" विकसित भारत के निर्माण का एक और महत्वपूर्ण स्तंभ भारत की नारी शक्ति है। नारी शक्ति अब विकसित भारत के निर्माण में तेजी से आगे बढ़ रही है। लेकिन नारी शक्ति की इस रफ्तार को कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने कुछ दिन पहले रोकने का काम किया है। इन नारी विरोधी दलों ने संसद में नारी शक्ति वंदन संशोधन को पास नहीं होने दिया।
इसलिए मैंने कुछ दिन पहले कहा भी था कि महिलाओं के आरक्षण का विरोध करने वाले ऐसा दलों को महिलाओं का आक्रोश झेलना पड़ेगा। आज कांग्रेस, TMC और DMK को बहनों और बेटियों ने सजा दी है...मुझे विश्वास है कि केरलम की बहनें भी अगले चुनावों में कांग्रेस को सबक जरूर सिखाएगी।
मैं बंगाल के हर राजनीतिक दल से एक आग्रह भी करना चाहता हूं। बंगाल में बीते दशकों में राजनीतिक हिंसा की वजह से न जाने कितनी जिंदगियां बर्बाद हो चुकी हैं। मेरा स्पष्ट मानना है कि आज से बंगाल की जो चुनावी आदतें फैली हुई हैं, उसमें बदलाव आना चाहिए। आज जब भाजपा जीती है, बदला नहीं बदलाव की बात होनी चाहिए। भय नहीं भविष्य की बात होनी चाहिए।
मेरी सभी राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं से अपील है, आइए हिंसा के इस अंत हीन चक्र को हमेशा के लिए खत्म करें। किसने किसे वोट दिया, किसे नहीं दिया, उससे ऊपर उठकर बंगाल की सेवा के लिए काम करें। बंगाल के ये चुनाव एक और वजह से बहुत खास रहे हैं। आप याद कीजिए, बंगाल चुनाव के समय कैसी खबरें आती थीं। हिंसा, डर और निर्दोष लोगों की मौतें।
लेकिन इस बार पूरे देश ने एक नई खबर सुनी। पश्चिम बंगाल में शांतिपूर्ण मतदान हुआ। पहली बार ऐसा हुआ कि चुनावी हिंसा में एक भी निर्दोष नागरिक की जान नहीं गई। लोकतंत्र के इस महापर्व में बंदूक की आवाज नहीं जनता जनार्धन की आवाज गूंजी। पहली बार डर नहीं, लोकतंत्र जीता है।