Actor Vijay Profile: साउथ इंडस्ट्री में विजय थलापति उन दिग्गज अभिनेताओं की लिस्ट में आते हैं जिनकी फिल्मों का इंतजार फैन्स को हमेशा रहता है। 60 से ज्यादा फिल्मों में शानदार एक्टिंग के बाद तमिलनाडु की राजनीति में भी विजय ने अपना लोहा मनवा लिया है। एक्टर ने राजनेता बने विजय की पार्टी का प्रदर्शन शानदार रहा है। अभिनेता अपने दोनों निर्वाचन क्षेत्रों, पेरुम्बुर और त्रिची पूर्व में आगे चल रहे हैं।
तमिलनाडु की राजनीति में दशकों से चले आ रहे द्रविड़ किलों के बीच, आज एक नया नाम इतिहास रच रहा है, जो है विजय। अपनी 69वीं और आखिरी फिल्म 'जन नायकन' के साथ पर्दे को अलविदा कहने वाले विजय ने आज खुद को तमिलनाडु के 'असली नायक' के रूप में स्थापित कर लिया है। 'नालैया थीरपु' से शुरू हुआ उनका सफर आज 'तमिलगा वेत्री कड़गम' (TVK) के जरिए एक नए राजनीतिक सवेरे की ओर बढ़ चुका है।
विजय ने आधिकारिक तौर पर तमिलनाडु की राजनीति में कदम रख दिया है। उन्होंने अपनी राजनीतिक पार्टी, 'तमिलगा वेट्री कजगम' (TVK) के बैनर तले विधानसभा चुनाव लड़ा। आज तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव की मतगणना हो रही है और इसमें पहली बार अपनी पार्टी लेकर जनता के बीच उतरे विजय ने ऐतिहासिक प्रदर्शन किया है।
जोसेफ थलापति विजय कैसे बने?
विजय एक फिल्मी परिवार से आते हैं। उनके पिता, SA चंद्रशेखर, एक डायरेक्टर हैं, जबकि उनकी माँ, शोभा चंद्रशेखर, एक प्लेबैक सिंगर हैं। 22 जून, 1974 को जन्मे, उनका असली नाम जोसेफ विजय चंद्रशेखर है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत एक बाल कलाकार के तौर पर की और कई फिल्मों में काम किया। मुख्य एक्टर के तौर पर उनकी पहली फिल्म 'नालाया थीरपू' थी, जिसे उन्होंने 18 साल की उम्र में साइन किया था। अब तक, उन्होंने 69 फिल्में पूरी कर ली हैं। उनकी फिल्मों की कहानियाँ अक्सर चर्चा का विषय बनती हैं, और दर्शकों ने उनके किरदारों को बहुत प्यार दिया है। फैन्स उन्हें प्यार से 'थलापति विजय' कहते हैं।
फिल्मों में सफल करियर
विजय थलापति ने कई हिट फिल्में दी हैं, जिनमें 'थेरी', 'राजाविन पारवैयिले', 'मिनसारा कन्ना', 'बीस्ट' और 'शाहजहाँ' शामिल हैं। 2023 में, उनकी फिल्म 'लियो' ने बॉक्स ऑफिस के कई रिकॉर्ड तोड़े। इसके अलावा, उनकी आने वाली फिल्म 'द ग्रेटेस्ट ऑफ ऑल टाइम' में उनके अभिनय की भी तारीफ हुई है। राजनीति में आने से पहले, विजय ने 'जन नायकन' में काम किया था, जिसके बारे में काफी अफवाहें थीं कि यह उनकी आखिरी फिल्म होगी। हालाँकि, रिलीज से पहले ही यह फिल्म विवादों में घिर गई। हालाँकि इसे इस साल की शुरुआत में रिलीज होना था, लेकिन यह अभी तक सिनेमाघरों तक नहीं पहुँच पाई है।
'जन नायकन' विवाद
'जन नायकन' को शुरुआत में सेंसर बोर्ड से मंजूरी मिलने में देरी का सामना करना पड़ा, और मामला कोर्ट तक भी पहुँच गया। हाल ही में, यह फिल्म ऑनलाइन लीक हो गई। समय-समय पर इसे अलग-अलग वजहों से विरोध प्रदर्शनों का भी सामना करना पड़ा है। यह पहली बार नहीं है जब विजय की कोई फिल्म विवादों में फँसी हो। 'जन नायकन' से पहले भी उनकी कई फिल्मों को इसी तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ा था।
उदाहरण के लिए, 2013 में रिलीज हुई उनकी फिल्म 'थलाइवा' को लेकर काफी हंगामा मचा था। फिल्म की टैगलाइन 'टाइम टू लीड' तत्कालीन मुख्यमंत्री जे. जयललिता के नेतृत्व वाली सरकार को रास नहीं आई थी। कई बाधाओं को पार करने के बाद आखिरकार यह फिल्म रिलीज हो पाई थी।
इसी तरह, विजय की 2018 में आई फिल्म 'सरकार' भी विवादों में घिर गई थी। इस फिल्म पर सरकारी योजनाओं को गलत तरीके से दिखाने के आरोप लगे थे, जिसके चलते राजनीतिक दलों ने इसका विरोध किया था।
हालांकि, इन सबके बावजूद विजय ने राजनीतिक में शानदार प्रदर्शन के साथ अपना नया सफर शुरू किया है। फिलहाल इस बात को लेकर अटकलों का बाज़ार गर्म है कि अगर 'त्रिशंकु विधानसभा' की स्थिति बनती है, तो विजय सरकार बनाने के लिए AIADMK के साथ हाथ मिला सकते हैं।
हालांकि, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि AIADMK के नेतृत्व वाले गठबंधन में BJP की मौजूदगी एक 'रोड़ा' बन सकती है, क्योंकि वैचारिक रूप से विजय का झुकाव BJP की तरफ बिल्कुल भी नहीं है। इसी संदर्भ में, कई जानकारों का यह भी अनुमान है कि अंगर एडप्पादी पलानीस्वामी को मुख्यमंत्री बनने का मौका मिलता है, तो वे BJP का साथ छोड़ सकते हैं।