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लंदन किड्स प्रीस्कूल बनतालाब, जम्मू में विस्तार, आधुनिक प्रीस्कूल और EYFS पाठ्यक्रम के साथ नई पहल

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: May 4, 2026 13:08 IST

प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा (Early Childhood Education) का अर्थ है बच्चों के जीवन के शुरुआती वर्षों, आमतौर पर 2 से 6 वर्ष की आयु के बीच, संरचित शिक्षण प्रदान करना।

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ठळक मुद्दे इनडोर वातावरण प्रारंभिक विकास की जरूरतों को पूरा करने में मदद करते हैं।छोटे शहरी क्षेत्रों में बढ़ती मांग को पूरा किया जा सके।

बनतालाब, जम्मू में लंदन किड्स प्रीस्कूल का एक नया केंद्र स्थापित किया गया है, जो क्षेत्र में संरचित प्रारंभिक शिक्षा की बढ़ती मांग को दर्शाता है। यह केंद्र 2 से 6 वर्ष के बच्चों के लिए सुरक्षित, आकर्षक और विकास-केंद्रित वातावरण प्रदान करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसमें गतिविधि-आधारित कक्षाएं, बच्चों के अनुकूल बुनियादी ढांचा और सोच-समझकर डिजाइन किए गए स्पेस शामिल हैं, जो बच्चों को खोज और संवाद के लिए प्रेरित करते हैं। सुरक्षा पर विशेष ध्यान, आयु-उपयुक्त शिक्षण सामग्री और संतुलित इनडोर वातावरण प्रारंभिक विकास की जरूरतों को पूरा करने में मदद करते हैं।

बनतालाब, एक विकसित हो रहा आवासीय क्षेत्र होने के कारण, अब ऐसे परिवारों के लिए महत्वपूर्ण बनता जा रहा है जो अपने आसपास विश्वसनीय और सुलभ प्रीस्कूल विकल्प तलाश रहे हैं। इसी संदर्भ में, लंदन किड्स प्रीस्कूल मेट्रो शहरों से आगे बढ़ते हुए उभरते क्षेत्रों में विस्तार कर रहा है, ताकि छोटे शहरी क्षेत्रों में बढ़ती मांग को पूरा किया जा सके।

बनतालाब में यह शुरुआत भारत के प्रारंभिक शिक्षा परिदृश्य में हो रहे बदलाव को दर्शाती है, जहां माता-पिता अब वैश्विक मानकों और स्थानीय आवश्यकताओं के संतुलन वाले संरचित शिक्षण मॉडल की तलाश कर रहे हैं। प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा (Early Childhood Education) का अर्थ है बच्चों के जीवन के शुरुआती वर्षों, आमतौर पर 2 से 6 वर्ष की आयु के बीच, संरचित शिक्षण प्रदान करना।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत इस चरण को ECCE (Early Childhood Care and Education) कहा जाता है और इसे बुनियादी साक्षरता, गणनात्मक कौशल और सामाजिक क्षमताओं के विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है। यह नीति खेल-आधारित और अनुभवात्मक शिक्षण पर जोर देती है, जिसमें बच्चे रटने के बजाय गतिविधियों, संवाद और अनुभव के माध्यम से सीखते हैं।

भारत में बदलती पारिवारिक संरचना और बढ़ती जागरूकता के कारण माता-पिता की अपेक्षाओं में भी बदलाव आया है। अब वे ऐसे प्रीस्कूल की तलाश कर रहे हैं जो सुरक्षा, संरचित शिक्षा और भावनात्मक विकास का संतुलन प्रदान करे। ध्यान केवल देखभाल तक सीमित नहीं रहा, बल्कि बच्चों में आत्मविश्वास, संवाद कौशल और सामाजिक समझ विकसित करने पर केंद्रित हो गया है।

प्रीस्कूल का वातावरण बच्चों के संचार कौशल को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। कहानी सुनाने के सत्र, समूह चर्चा और गतिविधि-आधारित सहभागिता के माध्यम से बच्चे धीरे-धीरे अपनी शब्दावली और आत्मविश्वास बढ़ाते हैं। लंदन किड्स जैसे संरचित प्रीस्कूल में, नियमित सहपाठी संवाद और मार्गदर्शित गतिविधियां बच्चों के बोलने और सुनने की क्षमता को स्वाभाविक और रोचक तरीके से विकसित करती हैं।शिक्षकों की तैयारी भी प्रारंभिक शिक्षा की गुणवत्ता का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। संगठित प्रीस्कूल सिस्टम में शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है, जिसमें बच्चों के व्यवहार, कक्षा प्रबंधन और गतिविधि-आधारित शिक्षण पद्धतियों पर ध्यान दिया जाता है। लंदन किड्स प्रीस्कूल में निरंतर प्रशिक्षण और सहयोग के माध्यम से शिक्षकों को विकास-केंद्रित शिक्षा प्रदान करने के लिए तैयार किया जाता है।

किसी भी प्रीस्कूल की प्रभावशीलता उसकी सुविधाओं पर भी निर्भर करती है। एक अच्छी तरह से डिजाइन किया गया केंद्र बच्चों की सुरक्षा, आयु-उपयुक्त फर्नीचर, गतिविधि सामग्री और इंटरैक्टिव शिक्षण संसाधनों से सुसज्जित होता है। लंदन किड्स प्रीस्कूल जैसे संस्थान डिजिटल लर्निंग टूल्स और संरचित गतिविधि क्षेत्रों का उपयोग करते हैं, जिससे बच्चों के समग्र विकास को बढ़ावा मिलता है।

सामाजिक कौशल का विकास प्रीस्कूल शिक्षा का एक प्रमुख परिणाम है। समूह गतिविधियों, सहयोगात्मक खेल और साझा दिनचर्या के माध्यम से बच्चे सहयोग, सहानुभूति और संवाद कौशल सीखते हैं। इस तरह का दृष्टिकोण बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाता है और उन्हें सामाजिक परिस्थितियों में बेहतर ढंग से ढलने में मदद करता है। इस विकसित होते परिदृश्य में उद्यमियों के लिए अवसर भी महत्वपूर्ण हैं।

संरचित प्रीस्कूल मॉडल इस क्षेत्र में प्रवेश को आसान बनाते हैं, जिसमें संचालन प्रणाली, प्रशिक्षण और प्रारंभिक मार्गदर्शन शामिल होता है। एक समर्पित फ्रेंचाइज़ हेल्पलाइन (9000 538 539) के माध्यम से सहायता भी उपलब्ध कराई जाती है, जो प्रीस्कूल स्थापना और संचालन को अधिक व्यवस्थित बनाती है।

“प्रारंभिक वर्ष केवल अकादमिक गति बढ़ाने के लिए नहीं होते, बल्कि ऐसा वातावरण बनाने के लिए होते हैं जहां बच्चे सुरक्षित महसूस करें, स्वतंत्र रूप से खोज करें और आत्मविश्वास के साथ अपनी बात व्यक्त कर सकें—यही अनुभव उनके जीवनभर सीखने के दृष्टिकोण को आकार देते हैं।” — विकास सिंह, सह-संस्थापक, लंदन किड्स प्रीस्कूल

बनतालाब केंद्र का नेतृत्व आर्टी शर्मा कर रही हैं, जो केंद्र प्रमुख के रूप में कार्यरत हैं। यह प्रारंभिक शिक्षा में स्थानीय नेतृत्व के महत्व को दर्शाता है। स्थानीय संचालक समुदाय की आवश्यकताओं के अनुसार संरचित सिस्टम को अपनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, जिससे शिक्षा का वातावरण सुलभ और सांस्कृतिक रूप से प्रासंगिक बना रहता है।

क्षेत्र के माता-पिता ने भी अपने अनुभव साझा किए हैं। रोहित शर्मा, जो जम्मू के निवासी हैं, कहते हैं, “हमने अपने बच्चे के संवाद और व्यवहार में स्पष्ट बदलाव देखा है। गतिविधि-आधारित तरीका अधिक स्वाभाविक लगता है।” वहीं, नेहा रैना ने कहा, “यहां का वातावरण सुरक्षित और व्यवस्थित है, और हमारा बच्चा रोजमर्रा की गतिविधियों में अधिक आत्मविश्वासी नजर आता है।”

उद्योग के दृष्टिकोण से देखा जाए तो भारत में प्रीस्कूल सेक्टर धीरे-धीरे समग्र विकास (Holistic Development) की ओर बढ़ रहा है। कहानी सुनाना, रचनात्मक खेल, संगीत और समूह गतिविधियां अब प्रारंभिक शिक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी हैं, जो बच्चों के शैक्षणिक, सामाजिक और भावनात्मक विकास को संतुलित रूप से बढ़ावा देती हैं।

बनतालाब जैसे क्षेत्रों में प्रीस्कूल का विस्तार भारत में शिक्षा के विकेंद्रीकरण को दर्शाता है। अब संरचित प्रारंभिक शिक्षा केवल महानगरों तक सीमित नहीं है, बल्कि छोटे और उभरते क्षेत्रों तक भी पहुंच रही है।बनतालाब केंद्र की स्थापना इसी बदलाव का प्रतीक है। यह दिखाता है कि कैसे संरचित प्रीस्कूल सिस्टम अधिक सुलभ, विकास-केंद्रित और आधुनिक परिवारों की अपेक्षाओं के अनुरूप बनते जा रहे हैं। इस दिशा में लंदन किड्स प्रीस्कूल जैसी पहलें उभरते क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण, पाठ्यक्रम-आधारित प्रारंभिक शिक्षा को बढ़ावा दे रही हैं।

Londons Kids Preschool

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London Kids Team Focuses on developing better standards of Curriculum and constantly updating newer methods to better the kids schooling experience.

टॅग्स :JammuSchool Education
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