पटनाः बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता और RJD नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री होने के नाते, हर किसी को यह जानने का हक है कि उन पर कितने केस चल रहे हैं... लोगों को तो उनकी उम्र भी नहीं पता। लोग किस एफिडेविट पर यकीन करेंगे? यादव ने कहा कि विकास के काम के लिए सरकार को स्थिरता की ज़रूरत होती है। लेकिन बिहार एक अनोखा राज्य है, जहां पांच साल में यह पांचवीं सरकार बनी है... हम सम्राट चौधरी को दिल से धन्यवाद देना चाहेंगे कि इलेक्टेड सीएम को सेलेक्टेड सीएम ने जो संकल्प लिया था उन्होंने वो पूरा किया।
हम लोगों के लिए तो खुशी की बात है कि ये लालू जी के 'पाठशाला' के मुख्यमंत्री बने हैं तो इससे ज्यादा अच्छी बात हमारे लिए क्या हो सकती है। राजद नेता रणविजय साहू ने कहा कि ये (सम्राट चौधरी) तो इलेक्टेड मुख्यमंत्री नहीं है ये तो सेलेक्टेड मुख्यमंत्री हैं ये जनता के मुख्यमंत्री नहीं हैं नीतीश कुमार और NDA के चुने हुए मुख्यमंत्री हैं।
जदयू नेता कोमल सिंह ने बिहार विधानसभा में फ्लोर टेस्ट पर कहा,"हमारा पूरा विश्वास मत है ही, विपक्ष के पास संख्या नहीं है इसमें कोई दो मत नहीं है। भाजपा नेता आनंद मिश्रा ने बिहार विधानसभा में फ्लोर टेस्ट पर कहा, "ये तो एक परंपरा होती है और इसलिए ये हो रहा है वरना कोई संदेह नहीं है कि यहां पर विश्वास इस सरकार को हासिल है और ये यहां पर बहुत मजबूती से हो जाएगा।
भाजपा नेता मनोज कुमार ने बिहार विधानसभा में फ्लोर टेस्ट पर कहा,"सरकार ने खुद विश्वास मत हासिल करने के लिए सदन में ये फ्लोर टेस्ट का प्रस्ताव लाई है जैसा की आपको मालूम है कि NDA के विधायक दल की बैठक में 202 विधायकों ने इस सरकार को समर्थन दिया था सम्राट चौधरी को अपना नेता चुना था और अब बिहार विधानसभा के नियमावली में एक ये प्रावधान है कि हम विश्वास मत हासिल कर सकते हैं तो उसी की प्रक्रिया आज पूरी होनी है।"
जदयू नेता चेतन आनंद ने बिहार विधानसभा में फ्लोर टेस्ट पर कहा,"ये सरल फ्लोर टेस्ट है इसमें क्या कहना है, हम विश्वास मत हासिल करेंगे वो भी बहुत आसानी से। स्वाभाविक है कि विपक्ष की संख्या उतनी नहीं है...जो निर्णय लिया गया है उस निर्णय के साथ सब लोग हैं और सभी के मन लायक ये निर्णय है सभी सम्राट चौधरी को सीएम बनता देखना चाह रहे थे और ये सबके मन लायक है.."