कोलकाताः पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण मतदान के एक दिन बाद गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को एक साहसिक भविष्यवाणी की। शाह ने कहा कि बंगाल की जनता ने पहले चरण में ही अपना भविष्य तय कर दिया है। कविगुरु टैगोर, महान सुभाष चंद्र बोस और खुदीराम बोस की भूमि ने विकास को चुना है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में जो विकास यात्रा चल रही है उसमें बंगाल भी जुड़ने वाला है, यह मतदाताओं ने स्पष्ट कर दिया है। दीदी जाने वाली है, भाजपा आने वाली है। भय जाने वाला है, भरोसा आने वाला है। 152 में से 110 से ज्यादा सीटें भाजपा जीतने जा रही है।
इसका अर्थ है कि दूसरे चरण के चुनाव के बाद हम प्रचंड बहुमत से शुद्ध रूप से भाजपा सरकार बनाने वाले हैं।गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल के पहले चरण के मतदान में अब तक का सबसे अधिक मतदान हुआ। गृह मंत्री शाह ने दूसरे चरण के मतदाताओं से बिना किसी डर के अपनी इच्छा के अनुसार मतदान करने का आग्रह किया।
चुनाव आयोग की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा, "चुनाव आयोग ने मतदान प्रक्रिया में धांधली न हो, यह सुनिश्चित करने के लिए उत्कृष्ट व्यवस्था की है। पुराने चुनावों को भूल जाइए, बंगाल के उज्ज्वल भविष्य के लिए वोट कीजिए और भाजपा सरकार बनाइए।"
ममता बनर्जी के बाहरी होने के दावों का खंडन करते हुए गृह मंत्री शाह ने कहा, "बंगाल की मुख्यमंत्री यह अफवाह फैला रही हैं कि अगर भाजपा बंगाल में सत्ता में आती है, तो बाहरी लोग शासन करेंगे।"कल बंगाल विधानसभा 2026 के चुनाव के प्रथम चरण में मतदान के सभी रिकॉर्ड तोड़ते हुए बंगाल की जनता ने अभूतपूर्व उत्साह और जोश के साथ बंगाल में परिवर्तन के लिए वोट डाला है।
मतदान का जो प्रतिशत सामने आया है, वो पूरे देश के लोकतंत्र में भरोसा करने वाले लोगों का उत्साह बढ़ाने वाला है। मैं प्रथम चरण में वोट डालने वाले बंगाल के सभी मतदाताओं का अभिनंदन और धन्यवाद करना चाहता हूं कि आपने भय से भरोसे की यात्रा को बहुत अच्छे से शुरू किया है और दूसरे चरण के मतदाता भी भय से भरोसे की यात्रा को आगे बढ़ाएंगे।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, "यहां एंटी इनकंबेंसी चरम पर है, गत चुनाव में भी चरम पर थी। लेकिन तब मतदान जितना भयमुक्त होना चाहिए था उतना नहीं हुआ, ढेर सारे बूथ लूटे गए थे, ढेर सारी जगहों पर कार्यकर्ताओं को घरों से निकलने नहीं दिया गया था। इस चुनाव में शुरू से मतदाता सूची का शुद्धिकरण हुआ है, फर्जी मतदाताओं के नाम कटे हैं, प्रशासन, पुलिस, CAPF ने सुरक्षा पर कड़ी नजर रखी है और चुनाव आयोग ने भी भयमुक्त वातावरण बनाया है..."
बंगाल का रक्तरंजित अध्याय और सत्ता का अहंकार! TMC की निर्मम सरकार के संरक्षण में फलते-फूलते अपराधों ने आज बंगाल के सामाजिक ताने-बाने को छिन्न-भिन्न कर दिया है। सत्ता की चौखट पर न्याय की गुहार लगाने वालों को बदले में सिर्फ़ दमन और उपेक्षा मिल रही है। संदेशखाली की हृदयविदारक घटनाएं और दलित समाज के साथ हो रहा लगातार अन्याय यह सिद्ध करता है कि तुष्टिकरण की राजनीति अब मासूमों की सुरक्षा पर भारी पड़ रही है। रक्षक जब भक्षक के मददगार बन जाएं।
अपराधियों को कानून के बजाय सत्ता का आश्रय मिलने लगे, तो समझ लेना चाहिए कि लोकतांत्रिक मर्यादाएं अंतिम सांसें ले रही हैं। यह उस बंगाल की तस्वीर है, जहां 'मां, माटी, मानुष' का सम्मान अब इतिहास के पन्नों में दब गया है और वर्तमान केवल सत्ता के अहंकार और आम जनता के आंसुओं से लिखा जा रहा है।
शाह ने कहा, "बंगाल की मुख्यमंत्री यह अफवाह फैला रही हैं कि अगर बंगाल में भाजपा आई तो बाहरी लोग शासन करेंगे, मैं दीदी को बताना चाहता हूं कि बंगाल का अगला मुख्यमंत्री बंगाल में जन्मा, बंगाली मीडियम में पढ़ा-लिखा और बंगाली भाषी होगा। वह आपका भतीजा नहीं भाजपा का कार्यकर्ता होगा।"
शाह ने कहा, "मैं कुछ आंकड़ें भी देना चाहता हूं। 2016 के चुनाव में 1278 लोग घायल हुए थे, 2021 में 1681, 2023 के पंचायत चुनाव में 664 और 2024 के आम चुनाव में 761। उसकी तुलना में 30 से कम लोग कल घायल हुए हैं। यह बताता है कि चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुए और मृत्यु का आंकड़ा एक भी नहीं है। यह जो मतदान बढ़ा है, वह भाजपा सरकार बनाने, परिवर्तन का संकेत है।"