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भारत अर्थव्यवस्था की मजबूत स्थिति से विदेशी निवेशक प्रभावित, FPI से 13,300 करोड़ रुपये किए निवेश

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: April 14, 2024 16:05 IST

डिपॉजिटरी के आंकड़ों के मुताबिक, एफपीआई ने इस महीने (12 अप्रैल तक) भारतीय शेयरों में शुद्ध रूप से 13,347 करोड़ रुपये का निवेश किया है। हालांकि, भारत-मॉरीशस कर संधि में बदलाव की आशंका के चलते शुक्रवार को एफपीआई ने 8,027 करोड़ रुपये की बिकवाली की थी। 

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ठळक मुद्देभारतीय शेयरों में शुद्ध रूप से FPI के जरिए 13,347 करोड़ रुपये का निवेश एफपीआई ने शेयरों के अलावा ऋण या बॉन्ड बाजार में 1,522 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेशबॉन्ड बाजार में 13,602 करोड़ रुपये, फरवरी में 22,419 करोड़ रुपये निवेश

नई दिल्ली: घरेलू अर्थव्यवस्था की मजबूत स्थिति तथा आर्थिक वृद्धि की बेहतर संभावनाओं के चलते विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने अप्रैल के पहले दो सप्ताह में भारतीय शेयर बाजारों में शुद्ध रूप से 13,300 करोड़ रुपये से अधिक डाले हैं। जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी के विजयकुमार ने कहा, "आगे चलकर भारत-मॉरीशस कर संधि में बदलावों पर चिंता एफपीआई प्रवाह पर असर डालेगी। यह स्थिति नई संधि के विवरण पर स्पष्टता आने तक बनी रह सकती है।" 

उन्होंने कहा कि एक और बड़ी चिंता पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव है। ईरान-इजराइल के बीच तनाव बढ़ रहा है जिसका असर निकट अवधि में एफपीआई के निवेश पर देखने को मिल सकता है। उन्होंने कहा कि घरेलू संस्थागत निवेशक (डीआईआई) के पास काफी नकदी है। इसके अलावा खुदरा निवेशक तथा उच्च संपदा वाले व्यक्ति यानी एचएनआई भारतीय बाजार को लेकर आशान्वित हैं। ऐसे में एफपीआई की बिकवाली की भरपाई यहां से हो जाएगी। 

डिपॉजिटरी के आंकड़ों के मुताबिक, एफपीआई ने इस महीने (12 अप्रैल तक) भारतीय शेयरों में शुद्ध रूप से 13,347 करोड़ रुपये का निवेश किया है। हालांकि, भारत-मॉरीशस कर संधि में बदलाव की आशंका के चलते शुक्रवार को एफपीआई ने 8,027 करोड़ रुपये की बिकवाली की थी। 

मॉर्निंगस्टार इन्वेस्टमेंट रिसर्च इंडिया के एसोसिएट निदेशक-प्रबंधक शोध हिमांशु श्रीवास्तव ने कहा कि वृद्धि संबंधी चिंताओं के कारण फिच द्वारा चीन की सॉवरेन क्रेडिट रेटिंग परिदृश्य को स्थिर से घटाकर नकारात्मक करने की वजह से भारतीय बाजारों को भारी निवेश मिला है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा मानसून सामान्य रहने की उम्मीद तथा मजबूत घरेलू अर्थव्यवस्था के बीच वृद्धि तेज रहने की उम्मीद से भी एफपीआई का भारतीय बाजारों को लेकर आकर्षण बढ़ा है। 

समीक्षाधीन अवधि में एफपीआई ने शेयरों के अलावा ऋण या बॉन्ड बाजार में 1,522 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश किया है। जेपी मॉर्गन इंडेक्स में भारत सरकार के बॉन्ड को शामिल किए जाने की घोषणा के बाद से एफपीआई भारतीय बॉन्ड बाजार में पैसा लगा रहे हैं।

उन्होंने मार्च में बॉन्ड बाजार में 13,602 करोड़ रुपये, फरवरी में 22,419 करोड़ रुपये और जनवरी में 19,836 करोड़ रुपये का निवेश किया है। कुल मिलाकर, इस साल एफपीआई अबतक शेयरों में कुल 24,241 करोड़ रुपये का निवेश कर चुके हैं। ऋण या बॉन्ड बाजार में उनका निवेश 57,380 करोड़ रुपये रहा है।

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