न्यायमूर्ति भूषण रामकृष्ण गवई (बीआर गवई) 14 मई को भारत के अगले मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ लेंगे।मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना के सेवानिवृत्त होने के एक दिन बाद होगा। न्यायमूर्ति केजी बालकृष्णन के बाद वे मुख्य न्यायाधीश का पद संभालने वाले दूसरे दलित होंगे, जिन्हें 2007 में देश के शीर्ष न्यायिक पद पर पदोन्नत किया गया था। महाराष्ट्र के अमरावती से ताल्लुक रखने वाले न्यायमूर्ति गवई 1985 में बार में शामिल हुए। Read More
इस देश पर न जाने कितने आक्रमण हुए, हमारी संस्कृति को नष्ट करने की बहुतेरी कोशिश की गई लेकिन सनातन की गहराई देखिए कि सब इसके भीतर समाहित होते चले गए. ...
अदालती कार्यवाही के दौरान और उसके बाद हुई इस अभूतपूर्व घटना से अविचलित रहे प्रधान न्यायाधीश ने अदालत के अधिकारियों और अदालत कक्ष में मौजूद सुरक्षाकर्मियों से कहा कि वे इसे नजरअंदाज करें और राकेश किशोर नामक दोषी वकील को चेतावनी देकर छोड़ दें। ...
कथित तौर पर यह घटना उस समय हुई जब कोर्ट नंबर 1 में कोर्ट की कार्यवाही चल रही थी। सुरक्षाकर्मियों ने उसे पकड़ लिया। जब किशोर को ले जाया जा रहा था, तो वह चिल्लाने लगा, "सनातन का अपमान नहीं सहेंगे। ...
प्रधान न्यायाधीश ने कहा, ‘‘मैंने निर्णय लिया है कि सेवानिवृत्ति के बाद मैं कोई सरकारी पद स्वीकार नहीं करूंगा...सेवानिवृत्ति के बाद मुझे अधिक समय मिलेगा, इसलिए मैं दारापुर, अमरावती और नागपुर में अधिक समय बिताने का प्रयास करूंगा।’’ ...
Uttar Pradesh: इलाहाबाद हाईकोर्ट बार को लेकर न्यायमूर्ति विक्रम नाथ को गर्व होने के संदर्भ में प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि प्रत्येक न्यायाधीश को अपने बार पर गर्व होता है और उन्हें नागपुर बार पर गर्व है। ...
Justice BR Gavai is India’s new CJI: न्यायमूर्ति भूषण रामकृष्ण गवई ने बुधवार को देश के 52वें प्रधान न्यायाधीश के तौर पर शपथ ली। वह अनुच्छेद 370 समाप्त करने के केंद्र के फैसले को बरकरार रखने समेत कई अहम फैसले देने वाली पीठों में शामिल रहे हैं। ...