लोकसभा में 17 अप्रैल को शाम 4 बजे 3 महत्वपूर्ण विधेयक पर मतदान, जानें किसका पलड़ा भारी?
By सतीश कुमार सिंह | Updated: April 16, 2026 13:42 IST2026-04-16T13:40:52+5:302026-04-16T13:42:13+5:30
महिला आरक्षण कानून में संशोधन और परिसीमन आयोग के गठन से जुड़े विधेयकों का समर्थन करते हुए बृहस्पतिवार को सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) नेताओं ने कहा कि महिलाओं को आरक्षण के लिए वर्षों से इंतजार करना पड़ा है।

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नई दिल्लीः लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने गुरुवार को कहा कि तीन महत्वपूर्ण विधेयकों पर 15 से 18 घंटे तक चर्चा होगी और शुक्रवार यानी 17 अप्रैल को शाम 4 बजे मतदान होगा। संसद के विशेष सत्र के दौरान सदन ने विचार-विमर्श का समय निर्धारित किया है। सदन में अध्यक्ष बिरला ने कहा कि इन तीन विधेयकों पर 15 से 18 घंटे तक चर्चा होगी। इन विधेयकों पर कल शाम 4 बजे मतदान होगा।
Parliament special session: Voting on 3 key bills in Lok Sabha to be held at 4 PM on Friday
— ANI Digital (@ani_digital) April 16, 2026
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केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने लोकसभा में कहा कि महत्वपूर्ण विधेयकों पर 12 घंटे तक चर्चा होगी और उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अध्यक्ष को बहस की अवधि बढ़ाने का अधिकार होना चाहिए। उन्होंने पुष्टि की कि विधेयकों पर मतदान कल होगा। महिला आरक्षण कानून में संशोधन और परिसीमन आयोग के गठन से जुड़े विधेयकों का समर्थन करते हुए बृहस्पतिवार को सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) नेताओं ने कहा कि महिलाओं को आरक्षण के लिए वर्षों से इंतजार करना पड़ा है।
#WATCH | Delhi: On Women's Reservation Bill, Congress MP Hibi Eden says, "The bill has already been passed unanimously on the floor of the house. When the women's reservation bill was passed, the government had said that they would be taking the latest census. According to the… pic.twitter.com/3HhQTCdGPp
— ANI (@ANI) April 16, 2026
वहीं विपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार की कार्यप्रणाली देश के संघीय और लोकतांत्रिक ढांचे को कमजोर कर सकती है। लोकसभा में चर्चा करने और पारित करने के लिए बृहस्पतिवार को ‘संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026’ तथा ‘परिसीमन विधेयक, 2026’ और ‘संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026’ पेश किए गए।
#WATCH | Delhi | On the Women's Reservation Bill, DMK MP T Siva says, "We are very strongly opposing the Delimitation Bill....Moreover, they are trying to club the women's reservation with it. We are always for women's rights. We are prepared to give within the existing 543… pic.twitter.com/hMgFyjMROG
— ANI (@ANI) April 16, 2026
रिजिजू ने कहा, "चर्चा 12 घंटे चलेगी। अध्यक्ष को चर्चा का समय बढ़ाने का अधिकार होना चाहिए। विधेयकों पर मतदान कल होगा।" इसके अलावा, कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने लोकसभा में महत्वपूर्ण विधेयकों को एक साथ पेश करने पर आपत्ति जताते हुए कहा कि यह संसदीय प्रक्रिया के अनुरूप नहीं है और इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं।
उन्होंने संविधान संशोधन विधेयक के खारिज होने की आशंका को देखते हुए सदन की कार्यवाही के उद्देश्य पर सवाल उठाया। वेणुगोपाल ने कहा, "यहां एक संविधान संशोधन विधेयक है और बाकी दो विधेयक अभी पेश किए जा रहे हैं। इन्हें एक साथ पेश करना उचित नहीं होगा। इसके गंभीर परिणाम होंगे। जब संविधान संशोधन विधेयक खारिज होने वाला है, तो इसे पेश करने का क्या मतलब है?"
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में एक साथ कई विधेयकों को पेश करने का बचाव करते हुए कहा कि संवैधानिक संशोधनों और अन्य संबंधित विधायी परिवर्तनों के लिए अलग-अलग मतदान प्रक्रियाओं की आवश्यकता होती है। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण प्रस्ताव को व्यवस्थित तरीके से लागू करने के लिए ये विधेयक आवश्यक हैं।
“संविधान में संशोधन के समय मतदान प्रक्रिया कानून में संशोधन से अलग होती है... संविधान संशोधन विधेयक के बाद, महिला आरक्षण को उसके तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाने के लिए हमें अन्य दो विधेयकों की आवश्यकता है। इसीलिए इन्हें एक साथ पेश किया गया है। सारी चर्चा एक ही विषय पर हो रही है। ऐसा पहले भी कई बार हो चुका है।
विपक्ष ने हर विधेयक का विरोध करने का फैसला कर लिया है। विपक्ष द्वारा तीन विधेयकों को एक साथ पेश करने के विरोध में ध्वनि मत के बजाय विभाजन का आग्रह करने के बाद, संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026, परिसीमन विधेयक, 2026 और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, 2026 आज लोकसभा में पेश किए गए। कुल 333 वोटों में से 251 मत पक्ष में और 185 मत विपक्ष में पड़े।