लाइव न्यूज़ :

लखनऊ के मशहूर साहित्यकार 'पद्मश्री' योगेश प्रवीन का निधन, सीएम योगी आदित्यनाथ ने गहरा दुख व्यक्त किया

By भाषा | Updated: April 12, 2021 20:08 IST

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने योगेश प्रवीण के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि योगेश को अवध, विशेष रूप से लखनऊ के इतिहास और संस्कृति की गहन जानकारी थी।

Open in App
ठळक मुद्देपुस्तकों और लेखों के माध्यम से उन्होंने जनता को इससे अवगत कराने का महत्वपूर्ण कार्य किया था।मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की शांति की कामना करते हुए शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है।योगेश प्रवीन को 'लखनऊविद्' कहा जाता था।

लखनऊः 'लखनऊविद्' के नाम से मशहूर साहित्यकार 'पद्मश्री' योगेश प्रवीन का सोमवार को निधन हो गया। वह 82 वर्ष के थे।

प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने योगेश के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। योगेश के भाई कामेश श्रीवास्तव ने 'भाषा' को बताया कि योगेश को आज सुबह हल्का बुखार आया था जिसके बाद उन्होंने दवा ली थी। उन्हेांने कहा कि वह ठीक भी थे लेकिन तभी अपराह्न करीब दो बजे वह अचानक बेहोश हो गए।

उन्होंने बताया कि उन्हें निजी वाहन से बलरामपुर अस्पताल ले जाया गया जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया । कामेश ने बताया कि उनका अंतिम संस्कार मंगलवार को लखनऊ स्थित बैकुंठ धाम में किया जाएगा। यह पूछे जाने पर कि सरकारी एंबुलेंस आने में देर की वजह से योगेश का निधन हुआ, कामेश ने इसे गलत बताते हुए कहा कि उन्होंने सरकारी एंबुलेंस को फोन किया था तो उसे महामारी के इस दौर के कारण आने में कुछ देर लग रही थी लिहाजा उन्होंने अपने वाहन से योगेश को अस्पताल ले जाने का फैसला किया और इसके लिए उन्हें किसी से कोई शिकायत नहीं है।

उन्होंने बताया कि योगेश अविवाहित थे। उनके एक भाई और बहन है। इस बीच, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने योगेश प्रवीण के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि योगेश को अवध, विशेष रूप से लखनऊ के इतिहास और संस्कृति की गहन जानकारी थी। उन्होंने कहा कि अपनी पुस्तकों और लेखों के माध्यम से उन्होंने जनता को इससे अवगत कराने का महत्वपूर्ण कार्य किया था।

मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की शांति की कामना करते हुए शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। योगेश प्रवीन को 'लखनऊविद्' कहा जाता था। लखनऊ और अवध पर अनेक किताबें लिख चुके प्रवीण कहानी उपन्यास नाटक और कविता समेत तमाम विधाओं में लिखने में पारंगत थे।

वह वर्ष 2002 में विद्यांत हिंदू डिग्री कॉलेज में प्रवक्ता पद से सेवानिवृत्त हुए थे अपने चार दशक के साहित्यिक सफर में प्रवीण ने पुस्तक लेखन के अलावा अनेक समाचार पत्रों और पत्रिकाओं में भी लेखन कार्य किया। अवध की संस्कृति और लखनऊ की तहसील पर आधारित उनकी 30 से ज्यादा किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं। 

टॅग्स :उत्तर प्रदेशयोगी आदित्यनाथलखनऊ
Open in App

संबंधित खबरें

क्राइम अलर्टबास्केटबॉल हुप पर पुल-अप्स कर रहे थे समुद्री इंजीनियरिंग संस्थान में 20 वर्षीय कैडेट विशाल वर्मा?, बैकबोर्ड गिरने से मौत

क्राइम अलर्ट27 करोड़ रुपये से अधिक की जीएसटी धोखाधड़ी, मेरठ और बहराइच में एक्शन, वसीम अकरम, शुभम गुप्ता और नेक आलम अरेस्ट

क्राइम अलर्ट365 दिन में 4000 करोड़ रुपए से ज्यादा की जीएसटी चोरी?, 1500 करोड़ रुपए एसटीएफ ने पकड़े

भारतयूपी में स्थापना दिवस के जरिए लोगों के घर-घर पहुंचेगी भाजपा, लोगों को PM मोदी और योगी सरकार की उपलब्धियां बताएँगे पार्टी पदाधिकारी

क्राइम अलर्टरिजवान अहमद को दिल्ली पुलिस ने उठाया?, मोबाइल, लैपटॉप की जांच, 2017 मुंबई बम विस्फोट को लेकर कार्रवाई

भारत अधिक खबरें

भारत'IIT बाबा' अभय सिंह ने कर्नाटक की इंजीनियर से शादी की, पत्नी के साथ हरियाणा में अपने पैतृक गांव पहुंचे

भारतSamrat Vikramaditya Mahanatya: 60 हजार से ज्यादा दर्शकों ने देखा 'सम्राट विक्रमादित्य', वाराणसी के रोम-रोम में बसा अनोखा मंचन, देखें Photos

भारतDelhi Assembly Security Breach: कार में सवार व्यक्ति ने कॉम्प्लेक्स का गेट तोड़कर पोर्च में रखा गुलदस्ता, वीडियो

भारतबिहार में शराबबंदी कानून को लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने उठाया सवाल, कहा- बिहार में 40 हजार करोड़ रुपये की एक समानांतर अवैध अर्थव्यवस्था खड़ी हो गई है

भारतमुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सामने जदयू नेताओं ने लगाया निशांत कुमार जिंदाबाद, CM भी मुस्कुराए