लाइव न्यूज़ :

जेल में बंद सोनम वांगचुक के HIAL इंस्टीट्यूट को UGC मान्यता देने की मांग, संसदीय समिति ने पैरवी

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: December 14, 2025 12:58 IST

Sonam Wangchuk: इसे शिक्षा नवाचार केंद्रों या अन्य हस्तक्षेपों के माध्यम से और जगह कैसे अपनाया जा सकता है।

Open in App

Sonam Wangchuk: कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह की अध्यक्षता वाली एक संसदीय समिति की रिपोर्ट में कहा गया है कि लद्दाख के शिक्षाविद एवं कार्यकर्ता सोनम वांगचुक द्वारा स्थापित ‘हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव्स’ (एचआईएएल) ‘‘अनुकरणीय’’ कार्य कर रहा है और इसे विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा मान्यता दी जानी चाहिए। इस सप्ताह की शुरुआत में संसद में पेश की गई अपनी रिपोर्ट में समिति ने यूजीसी द्वारा एचआईएएल की लंबित मान्यता पर चिंता व्यक्त की। समिति ने यह भी सिफारिश की कि शिक्षा मंत्रालय एचआईएएल मॉडल का गहन अध्ययन करे और विचार करे कि इसे शिक्षा नवाचार केंद्रों या अन्य हस्तक्षेपों के माध्यम से और जगह कैसे अपनाया जा सकता है।

शिक्षा, महिला, युवा और खेल संबंधी स्थायी समिति की रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘लद्दाख की अपनी अध्ययन यात्रा के दौरान समिति हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव्स, लद्दाख (एचआईएएल) में मौजूद शैक्षणिक, अनुसंधान और उद्यमिता के माहौल से प्रभावित हुई, विशेष रूप से स्थानीय सामाजिक-सांस्कृतिक और पारिस्थितिक संदर्भों में निहित अनुभव आधारित शिक्षा और पठन-पाठन के तरीके को लागू करने में इसकी सफलता से समिति प्रभावित दिखी।’’ उसने कहा कि समिति को यह जानकर चिंता हुई कि यूजीसी ने एचआईएएल को अब तक मान्यता नहीं दी है और यह मामला कई वर्षों से लंबित है।

समिति ने पाया कि एचआईएएल ने स्थानीय समुदाय पर जबरदस्त प्रभाव डाला है और अपने बर्फ के स्तूपों और अन्य सामुदायिक सहभागिता गतिविधियों के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त की है। समिति ने गौर किया कि एचआईएएल राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के कार्यान्वयन में आदर्श है, जो इस तरह के अनुभव आधारित और परियोजना-आधारित शिक्षण, सामुदायिक सहभागिता और भारतीय ज्ञान प्रणालियों (आईकेएस) के एकीकरण का आह्वान करता है।

रिपोर्ट के अनुसार समिति ने सिफारिश की कि यूजीसी को एचआईएएल को मान्यता देने पर विचार करना चाहिए। लद्दाख को राज्य का दर्जा देने और छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर हुए हिंसक प्रदर्शनों के दो दिन बाद 26 सितंबर को वांगचुक को कड़े राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (रासुका) के तहत हिरासत में लिया गया था। इन प्रदर्शनों में केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में चार लोगों की मौत हो गई थी और 90 लोग घायल हो गए थे। सरकार ने उन पर हिंसा भड़काने का आरोप लगाया था। 

टॅग्स :Parliamentary CommitteeUGC University Grants Commission
Open in App

संबंधित खबरें

क्राइम अलर्टDharamshala Student Death: हिमाचल में कॉलेज छात्रा की मौत पर यूजीसी का एक्शन, जांच समिति का किया गठन

भारतUGC NET June 2025 Result: एनटीए 22 जुलाई को घोषित करेगा परिणाम, जानें ऑनलाइन कहां और कैसे चेक करें अपना रिजल्ट

भारतNTA CUET UG 2025 Results Declared: सीयूईटी यूजी 2025 का रिजल्ट घोषित, इस वेबसाइट पर जाकर देखें रिजस्ट और स्कोर

भारतऑपरेशन सिंदूर के बाद UGC परीक्षा रद्द होने का दावा फर्जी, अभ्यर्थियों के लिए जारी हुई लेटेस्ट अपडेट

भारतUGC Rankings 2024: 18 चिकित्सा महाविद्यालयों को कारण बताओ नोटिस?, आखिर कारण, देखें लिस्ट कौन-कौन शामिल

भारत अधिक खबरें

भारतJK: कई सालों के बाद चिल्ले कलां के 23 दिन बिना भारी बर्फ के बीतने पर चिंता में हैं कश्मीरी

भारतJammu Kashmir: भयानक सर्दी, जबरदस्त बर्फबारी फिर भी जंस्कार नदी पूरी तरह से जमी नहीं, इसलिए देरी से शुरू होगा चद्दर ट्रेक

भारतBMC Polls: बीएमसी की लड़ाई! सीएम फडणवीस ने ठाकरे कज़न्स की पुरानी 'दुश्मनी' की क्लिप चलाई | Watch

भारतBMC Elections 2026: चुनाव प्रचार का आखिरी दिन आज, 227 सीटों के लिए 1,700 उम्मीदवार मैदान में, जानें 15 जनवरी को वोटिंग से जुड़ी सारी जानकारी

भारतछात्रों के लिए शानदार मौका, शिक्षा मंत्रालय ने पत्रकारिता की पढ़ाई के लिए शुरू किए 2 नए कोर्स; नि:शुक्ल ऑनलाइन शिक्षा उपलब्ध